न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की याचिकाओं पर सीबीआई और ईडी को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा हैं. राबड़ी देवी ने भ्रष्टाचार से जुड़े तीन मामलों को दूसरे न्यायाधीश को स्थानांतरित करने की मांग की हैं. उनका आरोप है कि विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने कार्यवाही में पक्षपात कर रहे हैं.
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश भट्ट ने इस संबंध में नोटिस जारी किया हैं. राबड़ी देवी, जो राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पत्नी हैं, के खिलाफ इन मामलों में जांच सीबीआई और ईडी कर रही हैं. जमीन के बदले नौकरी और आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मामलों में ईडी जांच कर रही है, जबकि एक मामले की जांच सीबीआई के पास हैं. कोर्ट ने अगली सुनवाई 6 दिसंबर निर्धारित की हैं. इन मामलों में लालू प्रसाद यादव और उनके पुत्र तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं.
आईआरसीटीसी घोटाले में सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहे लालू प्रसाद यादव ने रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटलों के रखरखाव अनुबंधों की टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार किया. इन अनुबंधों को विजय और विनय कोचर की सुजाता होटल कंपनी को सौंपा गया. इसके बदले लालू प्रसाद को कथित तौर पर एक बेनामी कंपनी के माध्यम से प्राइम लोकेशन की तीन एकड़ जमीन प्राप्त हुई. इस मामले में सीबीआई ने 5 जुलाई 2017 को एफआईआर दर्ज की थी और अप्रैल 2018 में चार्जशीट दाखिल की. 13 अक्टूबर को विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) विशाल गोगने ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए. सभी आरोपियों ने आरोपों से इन्कार करते हुए ट्रायल का सामना करने की बात कही हैं.
यह भी पढ़े: बिहार में RJD से गठबंधन तोड़ सकती है कांग्रेस!