न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के आसमान पर बादलों का पहरा बैठने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और प्री-मानसून गतिविधियों की सक्रियता ने राज्य में मौसम को बेहद अनिश्चित बना दिया है. जहां एक तरफ बूंदाबांदी ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को सुकून पहुंचाया है, वहीं दूसरी तरफ कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. मौसम विभाग ने आज राज्य के कई हिस्सों के लिए 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है.
आज इन जिलों में दिखेगा आंधी-तूफान का तांडव
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज यानी 7 मई को प्रदेश के कई जिलों में भारी उथल-पुथल होने की संभावना है. विभाग ने खास तौर पर समस्तीपुर, सारण, सिवान और वैशाली जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, जहां तेज गर्जना के साथ ओले गिर सकते हैं और हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके अलावा मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण और भागलपुर जैसे उत्तर-मध्य और दक्षिण-पूर्वी जिलों में भी झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है. प्रशासन ने लोगों को बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी है ताकि जान-माल के नुकसान से बचा जा सके.
तापमान में गिरावट के बीच दोबारा गर्मी लौटने के संकेत
पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के पश्चिमी और दक्षिण-मध्य हिस्सों में पारे में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. कैमूर में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री रहा, जबकि गया और रोहतास जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री तक लुढ़क गया, जिससे फिलहाल लू (Loo) जैसी स्थिति गायब है. हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत अस्थायी है. अगले तीन से चार दिनों के भीतर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में फिर से 3 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी देखी जाएगी, जिससे प्रचंड गर्मी एक बार फिर अपना असली रूप दिखाएगी.
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और आने वाले दिनों का हाल
आने वाले सप्ताह में बिहार का मौसम मिला-जुला बना रहेगा. 8 मई को सुपौल, अररिया और किशनगंज में छिटपुट वर्षा होने की उम्मीद है, जबकि 9 और 10 मई को राज्य के अधिकांश भागों में एक बार फिर मेघ गर्जन और धूल भरी आंधी का सिलसिला शुरू हो सकता है. राहत की बात यह है कि 12 मई से मौसम पूरी तरह शुष्क होने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का मानना है कि 10 मई को हिमालयी क्षेत्र में आने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर बिहार के जिलों में एक बार फिर से मौसम का नया मिजाज देखने को मिल सकता है.