न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क(रोहित, पटना) बिहार के शहरी निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा और आधुनिक फैसला लिया है। जून-जुलाई में संभावित इन चुनावों में पहली बार अत्याधुनिक 'मल्टी पोस्ट S-3 मॉडल' ईवीएम (EVM) का इस्तेमाल किया जाएगा। इस नई तकनीक की एंट्री से न सिर्फ पूरी मतदान प्रक्रिया बेहद पारदर्शी बनेगी, बल्कि वोटरों को भी एक नया और आसान अनुभव मिलेगा।
एक ही मशीन से कई पदों पर वोटिंग; मतदाताओं का बचेगा समय
इस हाईटेक ईवीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 'मल्टी पोस्ट' सिस्टम पर काम करती है। इसका मतलब यह हुआ कि मतदाताओं को अलग-अलग पदों (जैसे वार्ड पार्षद, मुख्य पार्षद और उप-मुख्य पार्षद) के लिए अलग-अलग मशीनों के पास नहीं जाना होगा। वोटर एक ही वोटिंग कंपार्टमेंट में रहकर, एक ही ईवीएम के जरिए एक साथ कई पदों के लिए अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को वोट डाल सकेंगे।
25 से 27 मई तक महाप्रशिक्षण; पटना समेत 5 जिलों के अफसरों को दी जाएगी ट्रेनिंग
इस आधुनिक तकनीक को धरातल पर उतारने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी कमर कस ली है। आगामी 25 से 27 मई तक एक विशेष और कड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इसमें पटना सहित राज्य के 5 प्रमुख जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और चुनाव कर्मियों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
ECIL के इंजीनियर्स संभालेंगे कमान; आयोग ने सभी जिलों को जारी किए सख्त निर्देश
इस हाईटेक मशीन को सुचारू रूप से ऑपरेट करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के शीर्ष विशेषज्ञ और इंजीनियर खुद पटना आ रहे हैं। वे अधिकारियों को मशीन के संचालन, तकनीकी बारीकियों और सुरक्षा मानकों की हर छोटी-बड़ी जानकारी देंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में बिहार के सभी जिलाधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक तैयारी पूरी करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि चुनाव के दौरान किसी भी तकनीकी गड़बड़ी से बचा जा सके।