न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार बीजेपी कार्यालय में एक पोस्टर को लेकर अचानक सियासी हलचल तेज हो गई है। पटना स्थित पार्टी दफ्तर के अटल सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगा एक पोस्टर विवाद का कारण बन गया। इस पोस्टर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तस्वीर नजर नहीं आई, वहीं बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता Nitin Nabin भी पोस्टर से गायब दिखे।
हाईलाइट्स :
- पटना के अटल सभागार में बीजेपी पोस्टर को लेकर विवाद
- पोस्टर से राष्ट्रीय अध्यक्ष और Nitin Nabin की तस्वीर गायब
- मंत्री Lakhan Lal Paswan की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगा था पोस्टर
- गलती का एहसास होते ही कार्यकर्ताओं ने तुरंत हटाया बैनर
- घटना के बाद सियासी गलियारों में तेज हुई चर्चाएं
- विपक्ष को मिला बीजेपी पर निशाना साधने का मौका
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठा मुद्दा
यह पोस्टर मंत्री लखन लाल पासवान की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाया गया था। आम तौर पर ऐसे आयोजनों में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की तस्वीरें प्रमुखता से लगाई जाती हैं, लेकिन इस पोस्टर में महत्वपूर्ण चेहरों की अनुपस्थिति ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता और मीडिया कर्मी इस बात को लेकर चर्चा करते नजर आए।
हड़बड़ी में हटाया गया पोस्टर
जैसे ही पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इस चूक का एहसास हुआ, तुरंत हरकत में आते हुए पोस्टर को हटा दिया गया। बताया जा रहा है कि पोस्टर हटाने की प्रक्रिया काफी जल्दी में की गई, ताकि विवाद को बढ़ने से रोका जा सके। इस दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच फुसफुसाहट और सवालों का दौर भी चलता रहा।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
पार्टी के अंदरूनी सूत्र इस मामले को एक सामान्य प्रिंटिंग या डिजाइन की गलती बता रहे हैं। उनका कहना है कि जल्दबाजी में पोस्टर तैयार कराया गया, जिसके कारण यह चूक हो गई। लेकिन सियासी गलियारों में इस घटना को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे आंतरिक असंतोष या गुटबाजी से जोड़कर भी देख रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। विपक्षी दलों को भी इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरने का मौका मिल सकता है। ऐसे मामलों में अक्सर विपक्ष सवाल उठाता है कि क्या यह सिर्फ एक गलती है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संकेत छिपा है।
पार्टी की सफाई का इंतजार
फिलहाल बीजेपी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन पोस्टर को जल्दबाजी में हटाया जाना इस बात की ओर इशारा जरूर करता है कि पार्टी इस विवाद को ज्यादा तूल नहीं देना चाहती। आने वाले समय में पार्टी की ओर से स्पष्टीकरण आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।
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