न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - राज्य में पशुधन की सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया गया है। खुरपका-मुंहपका जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ 3 करोड़ 66 लाख 37 हजार 285 पशुओं को टीका लगाया गया। यह अभियान पशुपालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि यह बीमारी तेजी से फैलती है और पशुधन को भारी नुकसान पहुंचाती है।
हाईलाइट्स -
- खुरपका-मुंहपका के खिलाफ 3.66 करोड़ पशुओं का टीकाकरण
- गलाघोटू व लंगड़ी रोग के खिलाफ 1.85 करोड़ पशुओं को टीका
- लंपी स्किन रोग से बचाव के लिए 1.21 करोड़ पशुओं को कवरेज
- मोबाइल वैन से 3,775 कैंप, 5 लाख से अधिक पशुओं का उपचार
- 5,418 सैंपल जांच से रोग नियंत्रण व्यवस्था मजबूत
- पूर्णिया में 40.92 लाख फ्रोजन सीमेन स्ट्रॉ का उत्पादन
- 64 अस्पतालों में डिजिटल एक्स-रे और 24x7 सेवाओं की तैयारी
- RIDF योजना से नए पशु अस्पताल और प्रशिक्षण केंद्र बनेंगे
मोबाइल वैन से गांव-गांव पहुंची सेवा
पशु चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए मोबाइल वैन के जरिए 3,775 कैंप लगाए गए, जिनमें 5 लाख 3 हजार 814 पशुओं का उपचार किया गया। इससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले पशुपालकों को भी समय पर इलाज की सुविधा मिल सकी। बीमारियों की रोकथाम के लिए 5,418 सैंपल एकत्रित कर उनकी जांच की गई। इससे संक्रमण की स्थिति पर नजर रखने और समय रहते नियंत्रण करने में मदद मिली है।
सीमेन उत्पादन में बढ़ोतरी
पूर्णिया सीमेन स्टेशन में 40.92 लाख फ्रोजन सीमेन स्ट्रॉ का उत्पादन किया गया है। इसके साथ ही गोट सीमेन स्टेशन और वन हेल्थ प्लेटफॉर्म की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे पशुधन के प्रजनन और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। राज्य के 64 अनुमंडलीय पशु चिकित्सालयों में डिजिटल एक्स-रे प्रणाली लगाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा 24x7 पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की भी स्वीकृति दी गई है।RIDF योजना के तहत नए पशु चिकित्सालय और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे पशुपालकों को बेहतर इलाज और प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, जिससे राज्य में पशुपालन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
इसे भी पढ़ें- मैं नीतीश कुमार, शपथ लेता हूं.... 'सुशासन बाबू' अब हो गए सीएम से सांसद...