अभिषेक राज/न्यूज11 भारत
गयाजी/डेस्क: शनिवार तड़के सेंट्रल जेल में पुलिस-प्रशासन की संयुक्त छापेमारी से हलचल मच गई. सुबह करीब साढ़े पाँच बजे एसडीएम किसलय श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम जेल के अंदर दाखिल हुई. टीम में डीएसपी, डीएसपी ट्रैफिक और रामपुर थाना पुलिस भी शामिल थी.
एसडीएम श्रीवास्तव ने बताया कि करीब एक घंटे तक विभिन्न वार्डों की गहन तलाशी ली गई. क़ैदियों के बैरकों, खुले क्षेत्रों और संवेदनशील हिस्सों की पड़ताल की गई. लेकिन हैरानी यह रही कि छापेमारी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ. न मोबाइल, न सिम, न कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस.
गौरतलब है कि जेल छापेमारी राज्य भर में चल रहे अभियान का हिस्सा थी, जिसमें अचानक कार्रवाई कर जेल प्रबंधन और बंदियों को अलर्ट किया जा रहा है. हालांकि गयाजी जेल के अंदर से कई बार मोबाइल से बातचीत और अपराधियों की बाहर से कनेक्टिविटी की चर्चाएँ सामने आती रहती हैं. लेकिन हर बार की तरह इस बार भी छापेमारी टीम को कुछ नहीं मिला. इससे कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर फोन और नेटवर्क की बातें बाहर कैसे आती हैं और जब जांच होती है तो सब कुछ साफ-सुथरा क्यों मिलता है.
गौरतलब है कि गया सेंट्रल जेल में कई कुख्यात अपराधी और नक्सली बंद हैं. हाल ही में अतरी के पूर्व विधायक रंजीत यादव को भी यहीं भेजा गया है. इसके अलावा उत्तर बिहार के कुख्यात झा ग्रुप के गुर्गे भी इसी जेल में बंद हैं.
छापेमारी भले बिना बरामदगी के खत्म हो गई हो, पर सुरक्षा व्यवस्था और जेल के अंदरूनी सिस्टम को लेकर चर्चा जरूर तेज हो गई है.
यह भी पढ़ें: बेगूसराय मंडल कारा में अचानक हुई छापेमारी मची अफरा-तफरी!