इन्द्रदेव/न्यूज11 भारत
सहरसा/डेस्क: बिहार के सहरसा जिला अंतर्गत नवहट्टा प्रखंड की डरहार पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कथित अनियमितता का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया, रोजगार सेवक और पूर्व प्रोग्राम ऑफिसर (पीओ) पर फसल सुरक्षा बाँध निर्माण के नाम पर बिना कार्य कराए राशि निकासी का गंभीर आरोप लगाया है.
ग्रामीणों के अनुसार मनरेगा योजना के तहत फसल सुरक्षा बाँध निर्माण के लिए योजना स्वीकृत की गई थी, जिसमें मिट्टीकरण एवं बाँध निर्माण कार्य किया जाना था. लेकिन स्थल पर न तो मिट्टी भराई का कोई प्रमाण दिख रहा है और न ही बाँध निर्माण के कोई निशान मौजूद हैं. आरोप है कि कार्य कराए बिना ही योजना की पूरी राशि की निकासी कर ली गई.
ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थल पर फसल सुरक्षा बाँध निर्माण दर्शाया गया है, वहां वर्तमान में गेहूं और मक्का की खेती हो रही है. उनका कहना है कि जब जमीन पर कोई कार्य नहीं हुआ तो उन्होंने खाली पड़ी भूमि पर खेती शुरू कर दी. इससे यह संदेह और गहरा गया है कि योजना सिर्फ कागजों पर पूरी दिखाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया.
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थल निरीक्षण और तकनीकी सत्यापन कराया जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी कि फसल सुरक्षा बाँध का निर्माण कार्य धरातल पर नहीं हुआ है.
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिना कार्य कराए राशि की निकासी कैसे हुई? क्या इसमें अधिकारियों की मिलीभगत है या निगरानी तंत्र की लापरवाही? फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं.
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