न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा (संवाददाता ) / पटना - सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में पेपर लीक और कदाचार के आरोपों को लेकर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने इस पूरे मामले में बायोमैट्रिक सेवा देने वाली एजेंसी M/s Sai Educare Pvt. Ltd. को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही एजेंसी की बैंक गारंटी की राशि भी जब्त कर ली गई है।
हाईलाइट्स -
- EDO परीक्षा पेपर लीक मामले में BPSC का बड़ा एक्शन
- Sai Educare Pvt. Ltd. को ब्लैकलिस्ट किया गया
- एजेंसी की बैंक गारंटी राशि जब्त
- मुंगेर, नालंदा, समस्तीपुर समेत कई जिलों में हुई थी परीक्षा
- बायोमैट्रिक प्रक्रिया में गड़बड़ी और मिलीभगत के आरोप
- कई जिलों में FIR दर्ज, जांच में आरोप सही पाए गए
कई जिलों में हुई थी परीक्षा
यह परीक्षा 14 से 21 अप्रैल 2026 के बीच मुंगेर, नालंदा, समस्तीपुर समेत कई जिलों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान ही गड़बड़ी और कदाचार की कोशिशों की शिकायतें सामने आने लगी थीं, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया।
जांच में सामने आई मिलीभगत
प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई कि बायोमैट्रिक सेवा देने वाली एजेंसी की भूमिका संदिग्ध रही। आरोप है कि एजेंसी ने आयोग द्वारा तय किए गए कर्मियों के बजाय अपने लोगों को ड्यूटी पर तैनात किया, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की संभावना बढ़ गई।
कई जगहों पर दर्ज हुई FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न जिलों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। शिकायतों और सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई, जिसमें एजेंसी की भूमिका पर सवाल और गहरे हो गए।
जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ आयोग
आयोग ने एजेंसी से कई बार स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में मिले सबूत और FIR के आधार पर आरोप सही पाए गए।
कड़ी कार्रवाई: ब्लैकलिस्ट और गारंटी जब्त
सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए BPSC ने सख्त निर्णय लेते हुए M/s Sai Educare Pvt. Ltd. को ब्लैकलिस्ट कर दिया। साथ ही एजेंसी की बैंक गारंटी की राशि भी जब्त कर ली गई है। आयोग के इस फैसले को परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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