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सुपौल/डेस्क: सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में परिवार नियोजन ऑपरेशन के बाद एक 26 वर्षीय महिला की मौत से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है. घटना से नाराज परिजनों ने शुक्रवार को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और अस्पताल के ठीक सामने पिपरा–त्रिवेणीगंज सड़क मार्ग NH-327E को जाम कर दिया. इससे सड़क पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.
मृतका की पहचान त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के कशहा लतौना वार्ड संख्या 3 निवासी दिनेश कुमार की पत्नी रूबी कुमारी के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, रूबी कुमारी को गुरुवार सुबह परिवार नियोजन ऑपरेशन के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम ऑपरेशन किया गया और उसके बाद उन्हें अस्पताल में ही निगरानी में रखा गया.
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से ही रूबी कुमारी की तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने गंभीरता नहीं दिखाई. शनिवार सुबह अचानक उनकी हालत बिगड़ गई. परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार डॉक्टरों को बुलाने की कोशिश की, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिला. आरोप है कि काफी देर बाद डॉक्टर पहुंचे, ऑक्सीजन लगाया और फिर वहां से चले गए.
स्थिति लगातार बिगड़ती देख परिजन रूबी कुमारी को आनन-फानन में एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मौत की पुष्टि होते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और सुबह करीब 10 बजे शव लेकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंच गए. वहां उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया.
अस्पताल प्रशासन से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट के सामने एक ट्रक खड़ा कर दिया और फिर शव को सड़क पर रखकर NH-327E जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया. इस दौरान यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और नर्सों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो तथा मृतका के परिवार को उचित मुआवजा और न्याय दिया जाए. परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे आंदोलन जारी रखेंगे.
घटना की सूचना मिलते ही त्रिवेणीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया. पुलिस प्रशासन परिजनों को समझाने-बुझाने में जुटा है ताकि जाम हटाया जा सके और आवागमन बहाल हो सके. हालांकि खबर लिखे जाने तक परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए थे और सड़क जाम जारी था.
इस संबंध में थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि परिजनों से बातचीत चल रही है और दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है. लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
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