न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा (संवाददाता) / पटना: आंधी-पानी के बीच ठनका की चपेट में आकर राज्य में सोमवार को 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 से अधिक लोग जख्मी हो गए। सबसे ज्यादा तबाही औरंगाबाद, गया, रोहतास, भोजपुर और वैशाली में देखने को मिली। कहीं बच्चे खेलते-खेलते बिजली की चपेट में आ गए, तो कहीं खेत-खलिहान और कामकाज में जुटे लोग इस हादसे का शिकार हो गए।
औरंगाबाद में 3 की मौत
मिली जानकारी के अनुसार, बाढ़ में दो जगह पेड़ और दीवार गिरने से एक-एक की मौत हो गई। वहीं, औरंगाबाद जिले में वज्रपात से तीन लोगों की मौत हो गई और पांच ग्रामीण घायल हुए हैं। गया जिले में ठनका ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया, जहां शेरघाटी, टिकारी और कोंच थाना क्षेत्रों में पांच लोगों की मौत की खबर है।
सबसे अधिक मौत पूर्वी चंपारण में पांच की हुई
रोहतास जिले के डेहरी आन सोन में भी वज्रपात ने कहर ढाया। चकिया गांव स्थित काली मंदिर के पास मजदूर ट्रक पर कच्चा कोयला पोड़ा लोड कर रहे थे। अचानक आंधी-तूफान शुरू हो गया। बचने के लिए सभी मजदूर ट्रक के नीचे छिप गए, लेकिन तभी ट्रक पर आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
पूर्वी चंपारण में सबसे अधिक मौतें
वहीं वैशाली जिले के लालगंज में एक महिला की मौत हो गई है जबकि भोजपुर जिले के गुलजारपुर में भी एक महिला की जान चली गई। संदेश थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। सबसे अधिक मौत पूर्वी चंपारण में पांच की हुई है। कई जगह पोल, तार गिर गए हैं। इससे बिजली गुल है। पूर्वी चंपारण में विशाल पेड़ ई-रिक्शा पर गिर गया, जिसमें दबने से दो लोगों की मौत हो गई। सीतामढ़ी के सीतामढ़ी-पुपरी स्टेट हाइवे पर बुनियादी विद्यालय के समीप बिजली का पोल बाइक पर गिर गया। इससे उस पर सवार दो की मौत हो गई। रिश्ते में दोनों ननद-भाभी थीं।
मुख्यमंत्री ने चार-चार लाख मुआवजे की घोषणा की
वज्रपात, आंधी, तूफान और तेज बारिश में 12 लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरी शोक व्यक्त की है। पूर्वी चंपारण में पांच, गयाजी में चार और औरंगाबाद में तीन लोगों की मौत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वह प्रभावित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने मृतक के स्वजन को चार-चार लाख रुपये बतौर अनुग्रह अनुदान दिए जाने का निर्देश दिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने अपील की है कि सभी लोग खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें।