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पटना/डेस्क: बिहार विधान परिषद् के 212वें सत्र का आज औपचारिक समापन हो गया. सभापति अवधेश नारायण सिंह ने समापन भाषण में बताया कि यह सत्र कुल 19 बैठकों तक चला और इसमें कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए.
सत्र के दौरान कुल 1190 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 1024 को स्वीकृति मिली और 273 प्रश्नों के उत्तर दिए गए. इसके अलावा ध्यानाकर्षण, शून्यकाल और निवेदन से जुड़े सैकड़ों मुद्दों पर चर्चा हुई, जिससे जनसमस्याओं को सदन में प्रमुखता से उठाया गया.
सभापति ने जानकारी दी कि इस सत्र में 12 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जिनमें बिहार विनियोग विधेयक 2026, बिहार सिविल न्यायालय विधेयक 2026 और बिहार निजी शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विधेयक प्रमुख हैं. इन कानूनों का उद्देश्य प्रशासनिक सुधार, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और वित्तीय नियंत्रण को मजबूत करना है.
समापन संबोधन में सभापति ने सभी दलों के नेताओं और सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संसदीय मर्यादा बनाए रखते हुए जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की. उन्होंने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के योगदान की भी सराहना की.
सत्र के दौरान सदस्यों ने जनसामान्य की समस्याओं को उठाकर उनके समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई. सभापति ने परिषद सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया.
बिहार विधान परिषद् के 212वें सत्र के महत्वपूर्ण बिन्दु
- बिहार विधान परिषद् के 212वें सत्र में कुल 19 बैठकें आयोजित हुई
- इस सत्र के लिए कुल 1190 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई, जिनमें से 1024 प्रश्नों को स्वीकृत किया गया। कुल 273 प्रश्न उत्तरित हुए। वर्तमान सत्र के लंबित प्रश्नों को आगामी सत्र में सदन की मेज पर रखने हेतु सरकार से अनुरोध करता हूं।
- इस सत्र के लिए ध्यानाकर्षण की कुल 179 सूचनाएं प्राप्त हुई। 103 ध्यानाकर्षण सूचनाएं सदन के कार्यक्रम पर लाए जाने के लिए स्वीकृत हुई। 80 सूचनाएं उत्तरित हुईं। 7 सूचनाएं व्यपगत हुईं। 15 सूचनाएं प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति के विचारार्थ सुपुर्द की गईं।
- शून्यकाल की कुल 157 सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 67 सूचनाएं स्वीकृत की गईं। 90 सूचनाएं अस्वीकृत हुईं। 7 सूचनाएं व्यपगत हुईं। 13 स्वीकृत सूचनाएं शून्यकाल समिति के विचारार्थ सुपुर्द की गईं।
- निवेदनों की कुल 245 सूचनाएं प्राप्त हुईं। 232 सूचनाएं स्वीकृत हुईं। 13 सूचनाएं अस्वीकृत हुईं। सभी स्वीकृत निवेदनों को सदन की सहमति से निवेदन समिति को सुपुर्द किया गया।
- नेवा द्वारा इस सत्र के लिए अल्पसूचित प्रश्नों की 488 सूचनाएं प्राप्त हुईं। इनमें से 420 सूचनाओं को स्वीकृत कर विभाग भेजा गया। कुल 304 सूचनाओं को कार्यसूची पर लाया गया। 232 प्रश्न उत्तरित हुए। 891 तारांकित प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 745 सूचनाओं को स्वीकृत कर विभाग को भेजा गया। कुल 474 सूचनाओं को कार्यसूची पर लाया गया।
- इस सत्र के दौरान माननीय सदस्यों ने अपने संसदीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनसामान्य की समस्याओं के समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी है।
- महत्वपूर्ण विषयों पर वाद-विवाद में सहभागिता के लिए सदन के सभी माननीय सदस्यों को मैं हार्दिक बधाई देता हूं। सदन को मर्यादित एवं अनुशासित रूप से चलाने में रचनात्मक सहयोग देने के लिए सभी दलों के नेताओं एवं माननीय सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।
वर्तमान सत्र में निम्नलिखित विधेयक पारित किए गए
- बिहार विनियोग विधेयक, 2026
- बिहार विनियोग (संख्या-2) विधेयक, 2026
- बिहार तकनीकी सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार कर्मचारी चयन आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार सिविल न्यायालय विधेयक, 2026
- बिहार सचिवालय सेवा (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार सूक्ष्म वित्त संस्थाएं (धन उधार विनियमन एवं प्रवर्तन कार्रवाई निवारण) विधेयक, 2026
- बिहार निजी व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान (नामांकन विनियमन एवं शुल्क निर्धारण) विधेयक, 2026
- बिहार अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026
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