पटना में तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर तीखा हमला कर

बिहार बना रिमोट कंट्रोल राज्य!”—तेजस्वी यादव का हमला, बोले- गुजरात से चलेगी सरकार, लोकतंत्र नहीं ‘मशीन तंत्र’ का खेल

सरकार पर तेजस्वी का हमला

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

अश्मित सिन्हा ( संवाददाता) / पटना -  बिहार की राजधानी पटना में इंडियन इनफ्लुएंस पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर आरजेडी नेता  तेजस्वी यादवने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में बनने वाली नई सरकार का संचालन गुजरात से होगा और इसका रिमोट कंट्रोल भी वहीं रहेगा।

हाईलाइट्स:

  • तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर बड़ा हमला
  • “बिहार सरकार का रिमोट कंट्रोल गुजरात में” बयान से सियासत गरम
  • लालू प्रसाद यादव के योगदान का किया जिक्र
  • नीतीश कुमार पर दबाव में झुकने का आरोप
  • “लोकतंत्र नहीं, मशीन तंत्र से चल रही सरकार”
  • पान समाज के आरक्षण का मुद्दा उठाने का ऐलान  

लालू यादव के योगदान का जिक्र

तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में लालू प्रसाद यादव के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार में पिछड़े और अति पिछड़े समाज को आवाज देने का काम किया। उन्होंने एक रूपक का इस्तेमाल करते हुए कहा कि “तवे पर जो रोटी जल रही थी, उसे लालू जी ने पलटने का काम किया।”

नीतीश कुमार पर साधा निशाना

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लालू यादव कभी भी ईडी और सीबीआई के दबाव में नहीं झुके, लेकिन “हमारे चाचा नीतीश कुमार दबाव में आकर झुक गए और आज उनकी स्थिति सबके सामने है।” उन्होंने एनडीए सरकार को लोकतंत्र के बजाय “मशीन तंत्र की सरकार” करार दिया। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि 2025 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को 2020 से अधिक वोट मिले, लेकिन “मशीनरी तंत्र” के जरिए उन्हें हराया गया।

आरक्षण और जनता की आवाज का मुद्दा

तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके पास 35 विधायकों की ताकत है और वे जनता की आवाज को मजबूती से उठाते रहेंगे। साथ ही उन्होंने पान समाज के आरक्षण का मुद्दा चारों सदनों में उठाने की बात कही। जस्वी यादव के इस बयान से बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। उनके आरोपों और बयानों को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

सरकार के कामकाज पर सवाल

सरकार के कामकाज को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। दावा किया गया कि पिछले दो महीनों से कैबिनेट की कोई बैठक नहीं हुई है और कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है। बयान में चिंता जताई गई कि मौजूदा हालात में बिहार विकास की दौड़ में पीछे जा रहा है। यह भी कहा गया कि जनता को इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा, बल्कि उन्हें विकास और सुशासन चाहिए।

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