पटना में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब पर

पटना में महंगाई की नई मार: पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही ऑटो, बस और मालभाड़ा बढ़ाने की तैयारी

AI सांकेतिक तस्वीर ।

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना -  पटना में महंगाई का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर और ज्यादा पड़ने वाला है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद अब सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई सेवाओं के किराये में भी इजाफा होने की संभावना बढ़ गई है। ईंधन के दाम बढ़ने से वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की लागत लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा असर आम यात्रियों और व्यापारियों पर पड़ सकता है। खासकर शहर में रोजाना सफर करने वाले लोगों को ऑटो और बस किराये में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं मालवाहक वाहनों का भाड़ा बढ़ने से बाजार में सब्जियों, खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी प्रभावित हो सकती हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच लोगों की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ गई है कि आने वाले दिनों में घरेलू बजट संभालना और मुश्किल हो सकता है।

हाईलाइट्स - 

  • पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने के बाद पटना में किराया बढ़ाने की तैयारी
  • ऑटो किराये में 20-25% और बस किराये में 15% बढ़ोतरी का प्रस्ताव
  • मालवाहक गाड़ियों के भाड़े में भी 20% तक इजाफे की चर्चा
  • परिवहन विभाग ने कहा, अंतिम फैसला सरकार लेगी
  • बिना अनुमति किराया बढ़ाने पर प्रशासन ने कार्रवाई की चेतावनी दी

वाहन संगठनों की बैठक में किराया बढ़ाने पर बनी सहमति

ईंधन कीमतों में लगातार वृद्धि को लेकर जमाल रोड स्थित सूर्या कॉम्प्लेक्स में ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन और बिहार स्टेट मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न वाहन संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और बढ़ती लागत पर चिंता जताई। चर्चा के दौरान ऑटो किराये में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा पटना से लंबी दूरी तक चलने वाली बसों के किराये में करीब 15 प्रतिशत वृद्धि तथा मालवाहक गाड़ियों के भाड़े में लगभग 20 प्रतिशत बढ़ोतरी पर भी सहमति बनी। फेडरेशन के महासचिव राजकुमार झा ने कहा कि डीजल और पेट्रोल के लगातार महंगे होने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वाहन संघ की ओर से आरटीए और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा ताकि किराया संशोधन पर जल्द निर्णय लिया जा सके।

सरकार के फैसले का इंतजार, लोगों पर बढ़ेगा असर

वाहन संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार जल्द कोई फैसला नहीं लेती है तो वे अपने स्तर पर किराये में बढ़ोतरी करने को मजबूर होंगे। हालांकि परिवहन विभाग ने कहा है कि किराया बढ़ाने का अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर ही लिया जाएगा। जिला प्रशासन ने भी बिना अनुमति मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इधर सोमवार को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, जिसके बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। पेट्रोल करीब 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसका असर सिर्फ परिवहन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेती-किसानी, व्यापार और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले समय में बाजार में महंगाई और तेज हो सकती है, जिससे आम लोगों की आर्थिक परेशानी और बढ़ेगी।

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