महिला आरक्षण पर घमासान—पप्पू यादव बोले सब कुछ पहले से प्लान्ड था, 2014-19 में क्यों नहीं जागी महिला चिंता ?
न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
राजीव कुमार / पूर्णिया - पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्णिया में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जब 2014 और 2019 में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार थी, तब महिला आरक्षण बिल पास क्यों नहीं कराया गया ? उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 में बिल लाना सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करता है।
हाइलाइट्स:
- पप्पू यादव ने महिला आरक्षण बिल पर केंद्र सरकार को घेरा
- 2014 और 2019 में बिल पास न कराने पर उठाए सवाल
- राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद भी लागू नहीं होने पर सवाल
- सरकार पर ‘हिडन एजेंडा’ चलाने का आरोप
- महिलाओं की वास्तविक स्थिति पर जताई चिंता
बहुमत के बावजूद बिल पास नहीं कराने पर सवाल
पप्पू यादव ने कहा कि सरकार के पास पहले ही पर्याप्त बहुमत था, लेकिन उस समय महिला आरक्षण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि 2023 में बिल लाया गया, जबकि सरकार को पहले से पता था कि राजनीतिक परिस्थितियों के चलते इसे लागू करना आसान नहीं होगा।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद भी लागू नहीं होने पर सवाल
उन्होंने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून का रूप ले चुका है, फिर भी इसे लागू नहीं किया गया। इस पर उन्होंने सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि आखिर इसे जमीन पर उतारने में देरी क्यों की जा रही है।
‘हिडन एजेंडा’ का आरोप
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण बिल के जरिए कोई छिपा हुआ एजेंडा चलाना चाहती थी, जिसे विपक्ष ने मिलकर नकार दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष ने एकजुट होकर सरकार को घेरा है।
महिलाओं की स्थिति पर टिप्पणी
उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं को देवी का दर्जा जरूर दिया जाता है, लेकिन वास्तविक सम्मान नहीं मिलता। पप्पू यादव ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिला अधिकारों की बात करना तब तक अधूरा है, जब तक जमीनी स्तर पर बदलाव नहीं दिखता।
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