नंदीग्राम में वोटिंग से पहले बड़ा फेरबदल, EC ने बदला पुलिस ऑब्जर्वर, पूर्व CBI अधिकारी को मिली जिम्मेदारी
न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम में मतदान से ठीक 48 घंटे पहले चुनाव आयोग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया हैं. आयोग ने यहां तैनात पुलिस ऑब्जर्वर को बदलते हुए नए अधिकारी की नियुक्ति कर दी हैं. इस फैसले के बाद चुनावी माहौल और भी गर्म हो गया है, क्योंकि नंदीग्राम सीट पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं. जानकारी के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सोमवार को नंदीग्राम पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज पर गंभीर आरोप लगाए थे. पार्टी का कहना था कि पुलिस बीजेपी के पक्ष में काम कर रही है और उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही हैं.
टीएमसी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही गतिविधियों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा हैं. साथ ही निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई थी. टीएमसी की शिकायत मिलने के कुछ ही समय बाद चुनाव आयोग ने नंदीग्राम के पुलिस ऑब्जर्वर हितेश चौधरी को हटाने का आदेश जारी कर दिया. उनकी जगह नए अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है. आयोग के इस फैसले को चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा हैं.
पूर्व CBI अधिकारी अखिलेश सिंह को सौंपी कमान नंदीग्राम जैसे संवेदनशील और हाई-वोल्टेज क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था अब अनुभवी अधिकारी अखिलेश सिंह संभालेंगे. अखिलेश सिंह पहले कोलकाता में CBI अधिकारी रह चुके है और वर्तमान में असम में आईजी पद पर तैनात हैं. उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए आयोग ने उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी हैं.
पहले भी बदले जा चुके है कई ऑब्जर्वर चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राज्यभर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 84 पुलिस ऑब्जर्वर तैनात किए हैं. नंदीग्राम से पहले मालदा और जंगीपुर में भी पुलिस ऑब्जर्वर बदले जा चुके हैं. इससे साफ है कि आयोग किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात के आरोपों को गंभीरता से ले रहा हैं.
क्यों खास है नंदीग्राम सीट? नंदीग्राम पश्चिम बंगाल चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हैं. यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाती है और यहां का मुकाबला पूरे राज्य की राजनीति का रुख तय कर सकता हैं. यही वजह है कि मतदान से पहले हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर सबकी नजर बनी हुई हैं. पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान कराया जाएगा. पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कराया जाएगा. चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे.
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