सीएम ऑफ एक्सीलेंस बालिका विद्यालय की छात्राओं ने खोला मोर्चा, प्राचार्य व शिक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप
न्यूज11 भारत
लातेहार/डेस्क: शहर के बीचोंबीच स्थित सीएम ऑफ एक्सीलेंस बालिका विद्यालय की दर्जनों छात्राओं ने गुरुवार को विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ समाहरणालय पहुंचकर विरोध जताया. आठवीं, नौवीं, दसवीं और बारहवीं कक्षा की छात्राओं ने उपायुक्त संदीप कुमार को आवेदन सौंपते हुए विद्यालय की प्राचार्य ज्योति ज्योत्सना और शिक्षिका अन्नपूर्णा कुमारी पर दुर्व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना तथा शैक्षणिक अव्यवस्था के गंभीर आरोप लगाए और निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की.
छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से नियमित और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई नहीं हो रही है. परीक्षा नजदीक होने के बावजूद कई विषयों की पढ़ाई पूरी नहीं कराई गई, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने बताया कि कौशल विकास विषय की पुस्तक उपलब्ध कराए बिना ही परीक्षा ले ली गई, जबकि कई छात्राओं को समय पर किताबें और कॉपियां भी नहीं मिलीं.
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी समस्याएं रखने पर समाधान करने के बजाय उन्हें डांटा-फटकारा जाता है. विरोध करने पर स्कूल से निकालने और चप्पल से मारने तक की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया.
विद्यालय में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी छात्राओं ने सवाल उठाए. उनका कहना है कि कई बार भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत की गई, लेकिन विद्यालय प्रबंधन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया. लगातार शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ.
छात्राओं ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि आईडी कार्ड बनाने के नाम पर ₹100 तथा रांची शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर ₹250 प्रति छात्रा लिए गए. साथ ही आरोप लगाया कि जब वे अपनी शिकायत लेकर उपायुक्त से मिलने जा रही थीं, तब रास्ते में एक शिक्षिका ने उनका आवेदन पत्र छीन लिया. इसके बावजूद छात्राओं ने नया आवेदन तैयार कर उपायुक्त से मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया.
करीना कुमारी, अंजली कुमारी, विद्या कुमारी, गोरी कुमारी, मीरा कुमारी, पिहू कुमारी सहित अन्य छात्राओं ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिससे उनकी पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है. छात्राओं ने विद्यालय की प्राचार्य को हटाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.
हालांकि, इस मामले में विद्यालय प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आ सका है. प्रशासन की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी.
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