रिम्स में धनबाद निवासी 71 वर्षीय सगुफ्ता नाहिद के

मां के निधन के बाद बेटे ने कराया नेत्रदान, रिम्स आई बैंक में प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी

न्यूज़11 भारत  रांची/डेस्क: रिम्स में धनबाद निवासी 71 वर्षीय सगुफ्ता नाहिद के निधन के बाद उनके बेटे मोहम्मद गुलाम गौस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए मां का नेत्रदान कराया. सगुफ्ता नाहिद का इलाज के दौरान रिम्स के आपातकालीन विभाग में निधन हो गया था. इसके बाद परिवार ने नेत्रदान का फैसला लिया. रिम्स आई बैंक की टीम ने पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया. दान किए गए दोनों कॉर्निया से दो दृष्टिबाधित लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद है. चिकित्सकों के अनुसार, एक व्यक्ति का नेत्रदान दो लोगों की जिंदगी बदल सकता है.

रिम्स आई बैंक ने परिवार के इस फैसले की सराहना की है. अधिकारियों ने कहा कि दुख की घड़ी में लिया गया यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा है. नेत्रदान से किसी की जिंदगी में उजाला लाया जा सकता है. आई बैंक की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नेत्रदान के महत्व को समझें और इसके लिए आगे आएं. मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए नई उम्मीद बन सकता है. रिम्स आई बैंक ने स्वर्गीय सगुफ्ता नाहिद को श्रद्धांजलि देते हुए उनके बेटे मोहम्मद गुलाम गौस और परिवार के प्रति आभार जताया. चिकित्सकों ने कहा कि नेत्रदान सबसे बड़ा दान है, जिससे मृत्यु के बाद भी किसी की दुनिया रोशन की जा सकती है. यह पहल अन्य लोगों को भी नेत्रदान के लिए प्रेरित करेगी.