झारखंड

लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग पर पलामू पुलिस का कड़ा रुख, चैनपुर गोलीकांड के बाद चार हथियार लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा

संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत

पलामू/डेस्क:  पलामू जिले में लाइसेंसी हथियारों के गलत और अवैध इस्तेमाल को लेकर जिला पुलिस बेहद गंभीर हो गई है. हाल के दिनों में क्षेत्र के भीतर बंदूकधारियों द्वारा कानून हाथ में लेने की कई वारदातें सामने आई हैं, जिसके बाद पुलिस महकमा एक्शन मोड में है. जिला पुलिस द्वारा की गई हालिया समीक्षा बैठक में हथियारों के दुरुपयोग को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसके बाद अब जिले भर में शस्त्र लाइसेंसों की स्क्रूटनी तेज कर दी गई है.

रामपुर जमीन विवाद में हुआ था लाइसेंसी हथियार का प्रयोग

इस सख्त कार्रवाई की मुख्य वजह २३ मई को चैनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर में हुआ खूनी संघर्ष है. वहां जमीन के एक टुकड़े को लेकर दो पक्षों में जमकर गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक ग्रामीण ने अपनी जान गंवा दी थी और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुलिसिया तफ्तीश में यह बात खुलकर सामने आई कि इस पूरी हिंसक वारदात में लाइसेंसी हथियारों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया गया था.

इन लोगों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

चैनपुर थाना प्रभारी की रिपोर्ट और आवेदन के आधार पर रामपुर कांड के आरोपियों के पास मौजूद चार हथियारों के लाइसेंस को रद्द करने की आधिकारिक अनुशंसा जिला प्रशासन से कर दी गई है. पलामू के पुलिस अधीक्षक  कपिल चौधरी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि समाज की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा.इसके अलवा  एसपी कपिल चौधरी के निर्देश पर पलामू पुलिस अब पूरे जिले में लाइसेंसी हथियारों का व्यापक सत्यापन (वेरिफिकेशन) अभियान चला रही है. जांच के दौरान अगर यह पाया जाता है कि किसी व्यक्ति विशेष के पास हथियार होने से समाज की शांति भंग हो सकती है या किसी भी तरह का खतरा पैदा हो सकता है, तो तुरंत उसका लाइसेंस निरस्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. पुलिस की इस मुहिम से इलाके के रसूखदारों और रंजिश रखने वाले हथियार धारकों में हड़कंप मचा हुआ है.

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