झारखंड में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर चल रहे 35 हजार से अधिक वाहन, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
न्यूज11 भारत रांची/डेस्क: झारखंड में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर 35,367 वाहनों के संचालन का मामला गंभीर रूप से सामने आया है. इस मुद्दे पर झारखंड हाई कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने की. यह मामला प्रार्थी मिथुन कुमार द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से कोर्ट के समक्ष लाया गया है. याचिका में सरकारी आंकड़ों के आधार पर दावा किया गया है कि राज्य में हजारों वाहन समान रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ संचालित हो रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं, अपराधों और जांच प्रक्रियाओं में गंभीर समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका है. बस मॉडिफिकेशन पर भी कोर्ट में उठे सवाल सुनवाई के दौरान बसों के मॉडिफिकेशन और उनके कथित गलत कन्वर्जन का मुद्दा भी उठाया गया. प्रार्थी की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि टैक्स बचाने के उद्देश्य से कई बसों का नियमों के विपरीत कन्वर्जन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है और विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है.
ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल याचिका में राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए. प्रार्थी पक्ष ने आरोप लगाया कि लाइसेंस जारी करने से पहले आवश्यक जांच नियमों के अनुरूप नहीं की जा रही है और कई मामलों में स्टाफ स्तर पर ही प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है. साथ ही फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के उपयोग का भी आरोप लगाया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने राज्य के परिवहन सचिव को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अदालत ने राज्य सरकार से 10 जुलाई तक विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है.
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