मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन पर उठे स

चाईबासा सदर अस्पताल में फिर लापरवाही! गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ाने का आरोप, सिविल सर्जन के आदेश पर जांच कमेटी गठित

रोहन निषाद/न्यूज़ 11 भारत

चाईबा/सा/डेस्क: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल चाईबासा सदर अस्पताल में एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. इस बार एक मरीज को दूसरे ग्रुप का ब्लड चढ़ाने का आरोप लगा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन के आदेश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है.

6 यूनिट ब्लड की थी जरूरत

जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल में भर्ती 48 वर्षीय मरीज सुरेंद्र बोयपाई को इलाज के दौरान 6 यूनिट ब्लड की आवश्यकता थी. आरोप है कि इस दौरान इलाजरत सुरेंद्र बोयपाई को उनके ब्लड ग्रुप से अलग दूसरे ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया गया. मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं.

सीएस ने बनाई जांच टीम

पूरे मामले पर सिविल सर्जन डॉ. जूझार मांझी ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल टीम गठित की गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं एक बयान में सीएस ने यह भी कहा कि मरीज को उसी ग्रुप का ब्लड दिया गया था, जिसका वह था. पूरे मामले को लेकर को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा होती है.

लगातार सुर्खियों में सदर अस्पताल

गौरतलब है कि चाईबासा सदर अस्पताल लगातार विवादों में बना हुआ है. हाल ही में एड्स पीड़ित व्यक्ति का रक्त एनीमिया के 5 मरीजों को चढ़ाने का मामला सामने आया था. वह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ाने का नया मामला प्रकाश में आ गया है. 

लगातार हो रही इन घटनाओं से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. मरीजों और परिजनों में डर का माहौल है. अब देखना होगा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट में क्या सामने आता है और अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है. फिलहाल मरीज की स्थिति पर अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.इधर जांच कमेटी गठन होने के बाद चिकित्सक और नर्स कर्मियों में हड़कंप मच गयी है.

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