झारखंड

निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण को लेकर जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय समिति की बैठक

न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय समिति की पहली बैठक उपायुक्त राँची की अध्यक्षता में आयोजित की गई. उल्लेखनीय है कि इस समिति का गठन दिनांक 20 मार्च 2026 को किया गया था, जिसका उद्देश्य निजी विद्यालयों द्वारा लिए जा रहे शुल्क की समीक्षा कर अभिभावकों को राहत प्रदान करना है. बैठक के दौरान अभिभावकों से प्राप्त विभिन्न शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही, झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन एवं उसमें उल्लिखित प्रमुख मांगों पर भी गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया. समिति के समक्ष स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि, विभिन्न मदों में अतिरिक्त शुल्क वसूली, तथा नियमों के अनुपालन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया. झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने बैठक को लेकर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार सभी मुद्दों पर गहन समीक्षा की गई है, उससे अभिभावकों के बीच न्याय की उम्मीद जगी है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से अभिभावक निजी विद्यालयों की मनमानी से परेशान थे, लेकिन अब प्रशासन की सक्रियता से सकारात्मक समाधान की दिशा में पहल होती दिखाई दे रही है. अजय राय ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 का हर हाल में सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि फीस निर्धारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी कि हर निजी विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए, जिससे अभिभावकों की भागीदारी बढ़े और किसी भी प्रकार की मनमानी पर रोक लग सके. उन्होंने आगे कहा कि यदि समिति निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करती है और कानून के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाता है, तो निश्चित रूप से अभिभावकों को राहत मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था में संतुलन स्थापित होगा. झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से अपेक्षा की है कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से मुक्ति मिल सके. ये भी पढ़ें- चांडिल में हाथियों का आतंक: 50 गांव में दहशत का माहौल, ग्रामीण रातभर दे रहे पहरा