झारखंड

बोकारो ट्रेजरी घोटाले में बड़ा खुलासा: अकाउंटेंट कौशल पांडे ने कबूला कमीशन का खेल, कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

न्यूज11 भारत रांची/डेस्क: झारखंड के चर्चित बोकारो ट्रेजरी घोटाले में जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है. मामले के आरोपी और बोकारो पुलिस कार्यालय में तैनात अकाउंटेंट कौशल पांडे ने SIT की पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं. सूत्रों के अनुसार, कौशल पांडे ने स्वीकार किया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि विभाग के कई अधिकारी भी शामिल थे और ऊपर से नीचे तक कमीशन का खेल चलता रहा. बताया जा रहा है कि कमीशन की अदायगी के बाद ही लंबे समय तक यह गड़बड़ी बिना रोकटोक जारी रही. कौशल पांडे के बयान के बाद अब कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की संभावना बढ़ गई है.

दूसरे दिन भी चली लंबी पूछताछ SIT अधिकारियों नेहा बाला और नरेश सिन्हा लगातार दूसरे दिन भी कौशल पांडे से पूछताछ कर रहे हैं. पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं. कौशल पांडे को तीन दिन की रिमांड पर साइबर थाना लाया गया है. इससे पहले भी उससे पूछताछ हुई थी, लेकिन तब वह जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश करता रहा. हालांकि इस बार उसने कमीशन और पैसों के लेनदेन से जुड़ी बातों को स्वीकार कर लिया है.

ई-कुबेर सिस्टम में हेरफेर कर निकाली गई रकम जांच में सामने आया है कि यह मामला किसी सामान्य साइबर ठगी का नहीं, बल्कि सुनियोजित वित्तीय गड़बड़ी और सरकारी सिस्टम में हेरफेर का है. आरोप है कि कौशल पांडे ने पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम का इस्तेमाल करते हुए ई-कुबेर बिल मैनेजमेंट सिस्टम में छेड़छाड़ की. जांच एजेंसियों के मुताबिक, मृत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जन्मतिथि और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी में बदलाव कर नवंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच करीब 63 बार अवैध निकासी की गई. इस तरीके से सरकारी खजाने से बड़ी रकम निकाली गई.

पत्नी और मां के खातों में भेजी गई रकम जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सरकारी खजाने से निकाली गई रकम को कौशल पांडे ने अपनी पत्नी अनु पांडे और अपनी मां के बैंक खातों में ट्रांसफर किया था. अब जांच एजेंसियां पैसों के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही हैं.

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