पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड अंतर्गत कदम

गोइलकेरा में बड़ा हादसा, मलेरिया सर्वे के दौरान घर का छप्पर गिरा, दो स्वास्थ्य कर्मी गंभीर रूप से घायल

रोहन निषाद/न्यूज़11 भारत  चाईबासा/डेस्क: पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड अंतर्गत कदमडीहा गांव से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है. यहाँ मलेरिया रोधी अभियान ('मिशन उदय') में जुटे दो बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPW) एक घर का छप्पर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों घायल स्वास्थ्य कर्मियों की पहचान अविनाश प्रधान और विजय सिंह हेंब्रम के रूप में हुई है, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा में भर्ती कराया गया है.

 कैसे हुआ हादसा? प्राप्त जानकारी के अनुसार, अविनाश और विजय 'मिशन उदय' के तहत कदमडीहा गांव में घर-घर जाकर मलेरिया फीवर सर्वे (बुखार की जांच) कर रहे थे. इसी दौरान, वे एक ग्रामीण के घर के आंगन में बने शेड के नीचे बैठकर ग्रामीणों के खून के सैंपल (रक्त नमूने) इकट्ठा कर रहे थे. तभी अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई. खराब मौसम और तेज हवाओं के दबाव को शेड बर्दाश्त नहीं कर सका और पूरा छप्पर धराशायी होकर दोनों स्वास्थ्य कर्मियों के ऊपर आ गिरा. छप्पर के मलबे में दबने के कारण दोनों को काफी गंभीर चोटें आई हैं.

 ग्रामीणों ने मलबे से निकाला बाहर छप्पर गिरने की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े. ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे को हटाया और दोनों घायल स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला. घटना की तत्काल सूचना गोइलकेरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जयश्री किरण को दी गई. सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से तुरंत वाहन की व्यवस्था की गई और दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए चाईबासा के सदर अस्पताल भेजा गया, जहाँ उनका उपचार जारी है.

मलेरिया का हॉटस्पॉट बना है कदमडीहा गौरतलब है कि पश्चिम सिंहभूम के गोइलकेरा समेत छह प्रभावित प्रखंडों में इन दिनों मलेरिया के खिलाफ विशेष उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. कदमडीहा गांव में मलेरिया के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिसके बाद इसे 'हॉटस्पॉट' घोषित कर स्वास्थ्य विभाग यहाँ लगातार फीवर सर्वे और जांच शिविर आयोजित कर रहा है. इसी अभियान के दौरान यह दुखद हादसा हुआ.