झारखंड हाईकोर्ट में उपस्थित हुए JPSC सचिव, कहा- 'समकक्ष अर्हता' रिपोर्ट के बाद होगी फूड सेफ्टी अधिकारियों की नियुक्ति
न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: दूध समेत अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर झारखंड हाई कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में इस दौरान जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) के सचिव हाजिर हुए.
सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि फूड सेफ्टी ऑफिसर, फूड एनालिस्ट, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए आयोग ने वर्ष 2023 में विज्ञापन जारी किया था और परीक्षा भी आयोजित कर ली गई है.
हालांकि, जेपीएससी ने कोर्ट को सूचित किया कि शैक्षणिक अर्हता और 'समकक्ष शैक्षणिक अर्हता' के मुद्दे पर एक समिति गठित की गई है. इस समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही परीक्षा परिणाम जारी किए जाएंगे और सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
जेपीएससी के इस जवाब पर कोर्ट ने मामले का डिस्पोजल कर दिया. बता दें कि कोर्ट ने यह स्वतः संज्ञान वर्ष 2012 में दूध में मिलावट का मामला सामने आने के बाद लिया था, जिस पर जनहित याचिका दर्ज की गई थी.
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