सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में झारखंड हाईकोर्ट की JSSC को फटकार, एक सीट आरक्षित रखने का निर्देश
न्यूज11 भारत रांची/डेस्क: झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को सहायक आचार्य नियुक्ति से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को कड़ी फटकार लगाई और विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. अदालत ने याचिकाकर्ता के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सहायक आचार्य पद के लिए एक सीट आरक्षित रखने का भी आदेश दिया है. यह मामला विनोद कुमार साहू द्वारा दायर याचिका से संबंधित है, जिस पर अधिवक्ता चंचल जैन ने पक्ष रखा. सुनवाई न्यायाधीश जस्टिस आनंद सेन की अदालत में हुई. याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उनके पास शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के दो प्रमाणपत्र हैं. वर्ष 2013 में उन्होंने 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे, जबकि 2016 की परीक्षा में उनके अंक 60 प्रतिशत से कम रहे. आरोप है कि JSSC ने 2016 के प्रमाणपत्र को आधार बनाते हुए, दस्तावेज़ सत्यापन सफल होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति से वंचित कर दिया. अधिवक्ता ने यह भी बताया कि पहले TET प्रमाणपत्र की वैधता पांच वर्षों के लिए निर्धारित थी, लेकिन 2022 में नियमों में बदलाव कर इसे आजीवन मान्य कर दिया गया. इसके बावजूद, याचिकाकर्ता को नियुक्ति नहीं दी गई, जबकि उनके अंक अनारक्षित श्रेणी के अंतिम चयनित उम्मीदवार से अधिक थे. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने JSSC को आठ सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है. ये भी पढ़ें- रिश्वतकांड: चैनपुर थाना के पूर्व प्रभारी अशोक कुमार को जमानत देने से कोर्ट का इनकार, जमानत याचिका खारिज