झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, मैनपावर सेवाओं के लिए आउटसोर्सिंग मैनुअल के एनेक्सचर-1 में संशोधन
न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: झारखंड सरकार के वित्त विभाग ने राज्य में आउटसोर्सिंग के माध्यम से ली जाने वाली मैनपावर सेवाओं को लेकर अहम आदेश जारी किया है. 'झारखंड मैनपावर प्रोक्योरमेंट आउटसोर्सिंग मैनुअल 2025' के तहत विभिन्न पदों के नए पदनाम तय किए गए हैं और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के सर्विस मार्जिन की न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा निर्धारित कर दी गई है. प्रस्तावित प्रारूप को विभागीय वित्त मंत्री की मंजूरी मिल चुकी है और यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. सरकार का मानना है कि इस निर्णय से आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत हजारों युवाओं और तकनीकी विशेषज्ञों के मानदेय में पारदर्शिता आएगी तथा भुगतान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी. एनेक्सचर-1 में संशोधन, नए पदों को मंजूरी वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आउटसोर्सिंग मैनुअल के एनेक्सचर-1 में संशोधन किया गया है. 'को-ऑर्डिनेटर' पद का नाम बदलकर अब 'प्रोजेक्ट लीड कॉर्डिनेटर' कर दिया गया है. इसके अलावा 'डोमेन एक्सपर्ट' और 'फील्ड मैनेजर' जैसे पदों को आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर सूची में शामिल किया गया है. सरकार का कहना है कि इन बदलावों से कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और पेशेवर बनेगी. एजेंसियों के सर्विस मार्जिन पर तय हुई सीमा
- आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा मनमाने सर्विस चार्ज वसूले जाने की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्पष्ट स्लैब तय कर दिया है.
- 16 हजार से 50 हजार रुपये तक मानदेय पाने वाले कर्मियों पर एजेंसियां 480 से 800 रुपये तक सर्विस मार्जिन ले सकेंगी.
- 50 हजार से 1 लाख रुपये तक के मानदेय पर 1500 से 2000 रुपये तक का मार्जिन निर्धारित किया गया है.
- 1 लाख रुपये या उससे अधिक मानदेय वाले कर्मियों के लिए 3000 से 4000 रुपये तक कमीशन तय किया गया है.
इस व्यवस्था का उद्देश्य अनियमितताओं पर रोक लगाना और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है.
जेम पोर्टल से लागू होगा मैन-मंथ रेट सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में Government e-Marketplace (जेम पोर्टल) के माध्यम से मैनपावर सेवाएं ली जाने पर निर्धारित मैन-मंथ रेट ही मान्य होगा. इससे सभी विभागों में वेतन निर्धारण और भुगतान प्रक्रिया में एकरूपता लाई जा सकेगी तथा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी. ये भी पढ़ें- झारखंड के जेलों में 81% पद रिक्त, खत्म हुई हाईकोर्ट की डेडलाइन, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं