महासंघ की चेतावनी सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं ल

अव्यावहारिक नियमों का हवाला देकर शिक्षकों को एमएसीपी से वंचित करना गलत - झारोटेफ

नीरज कुमार साहू/न्यूज11  भारत 

बसिया/डेस्क: झारखंड ऑफिसर टीचर एम्पलाई महासंघ (झारोटेफ) ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी पत्र (दिनांक 24.07.2026) पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. महासंघ का कहना है कि तकनीकी व्याख्याओं और पुराने संकल्पों के आधार पर शिक्षकों को एमएसीपी (संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति) के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता. इस दौरान महासंघ के बैनर तले प्रतिवाद दिवस घोषित कर बसिया सहित सभी विद्यालयों के शिक्षकों के द्वारा विभाग के आदेश के प्रति कॉपी को जलाकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया.

गुमला जिला अंतर्गत बसिया सहित सभी प्रखंडों में आयोजित प्रतिवाद कार्यक्रम के दौरान संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे-

समान अधिकार की मांग

प्रांतीय प्रभारी सुमित कुमार नंद और बसिया प्रखंड अध्यक्ष आशीष कुमार दास ने कहा कि शिक्षक भी राज्य के नियमित कर्मचारी हैं. जब वर्षों से पदोन्नति रुकी हुई है, तो एमएसीपी न देना शिक्षकों के साथ दोहरा अन्याय है.

अदालत के आदेशों का हवाला

 जिला सचिव हरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि झारखंड उच्च न्यायालय भी शिक्षकों के हित में निर्णय दे चुका है, फिर भी विभाग सेवा परिस्थितियों की अनदेखी कर रहा है.   चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

 जिला अध्यक्ष जयंत कुमार पांडे और क्षेत्र समन्वयक शशिकांत साहू ने बताया कि एमएसीपी, शिशु शिक्षण भत्ता और 62 वर्ष की सेवा विस्तार जैसी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. सामाजिक माध्यमों पर अभियान के साथ-साथ ज्ञापन व हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है.

महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो सितंबर के प्रथम सप्ताह में  राज्यभर के हजारों शिक्षक और कर्मचारी "पाने अपना अधिकार, चलो मुख्यमंत्री के द्वार" का नारा देकर रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास की ओर विशाल यात्रा निकालेंगे.

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