झारखंड

जिस राज्य के CM के पास 12 हज़ार बीघा बेनामी ज़मीन हो, वहां आदिवासी को एक बीघा ज़मीन का पट्टा नहीं मिलता: शिल्पी नेहा

न्यूज़11 भारत डिब्रूगढ़/डेस्क: असम विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान नहरकटिया विधानसभा क्षेत्र के बेलबाड़ी तथा तिनखोंग विधानसभा क्षेत्र के छलमाड़ी बागान में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिस राज्य के मुख्यमंत्री के पास 12 हज़ार बीघा बेनामी ज़मीन होने की चर्चा है, उसी राज्य में आदिवासी परिवारों को एक बीघा ज़मीन का भी पट्टा नहीं मिल पा रहा है. यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि चिंताजनक भी है. इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की प्राथमिकताएँ क्या हैं और आम आदिवासी परिवार किस प्रकार उपेक्षित हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि आज आदिवासियों की ज़मीन उद्योगपतियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है, जबकि आदिवासी समाज की असली पहचान उनका जल, जंगल और ज़मीन है. जब तक जल-जंगल-ज़मीन सुरक्षित है, तभी तक आदिवासी अस्मिता सुरक्षित रह सकती है. हमारी लड़ाई आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और उनकी ज़मीन की रक्षा के लिए है. कांग्रेस की सरकार बनने पर आदिवासियों को उनकी ज़मीन का अधिकार, पट्टा और सुरक्षा सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जनता अब परिवर्तन का मन बना चुकी है. दस वर्षों के भ्रष्ट शासन से लोग मुक्ति चाहते हैं. केवल धार्मिक उन्माद फैलाकर और वोटों का ध्रुवीकरण कर सत्ता में बने रहने की राजनीति अब अधिक दिन नहीं चलने वाली है. जनता जागरूक हो चुकी है और सब कुछ समझ चुकी है. उन्होंने आगे कहा कि जनता झूठ और भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहती है. लोगों को अच्छा शासन, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के लिए रोजगार चाहिए. साथ ही चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों को न्याय, सम्मान और उनका हक़ मिलना चाहिए. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले चुनाव में जनता जनविरोधी नीतियों का जवाब देगी और कांग्रेस को समर्थन देकर जनहित की सरकार बनाएगी. ये भी पढ़ें- ED में उच्च पदों पर होगी भर्ती, वित्त मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना