किस्को क्षेत्र में अकीदत और एहतराम के साथ निकला हुसैनी जुलूस, "या हुसैन" के नारों से गूंजा इलाका
न्यूज11 भारत लोहरदगा/डेस्क: लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड क्षेत्र के किस्को, होंदगा, चरहु, अरेया, नारी नवाडीह सहित विभिन्न गांवों में शुक्रवार को मुहर्रम के पवित्र अवसर पर हजरत इमाम हसन एवं हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में पूरे अकीदत, एहतराम और धार्मिक उल्लास के साथ भव्य हुसैनी जुलूस निकाला गया. जुलूस में विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद, अखाड़ा दल और आम लोग शामिल हुए. पूरे मार्ग में 'या हुसैन', 'लब्बैक या हुसैन' और अन्य धार्मिक नारों से वातावरण गूंजता रहा. जुलूस के दौरान कर्बला की ऐतिहासिक घटना और हजरत इमाम हसन एवं हजरत इमाम हुसैन की महान कुर्बानी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
वक्ताओं ने कहा कि कर्बला की शहादत केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि इंसानियत, इंसाफ, सत्य, सब्र और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का अमर संदेश है, जो पूरी दुनिया को न्याय और मानवता का रास्ता दिखाती है. जुलूस के समापन के बाद विभिन्न अखाड़ा दलों द्वारा पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र चालन एवं हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया गया. युवाओं ने तलवार, लाठी, भाला सहित पारंपरिक हथियारों के साथ अनुशासित एवं आकर्षक प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. इन प्रस्तुतियों ने कर्बला के वीरों की बहादुरी, साहस और त्याग की याद को जीवंत कर दिया.
मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. किस्को एसडीपीओ दिवाकर कुमार, किस्को अंचल अधिकारी अजय कुमार, अंचल निरीक्षक चंद्रशेखर आजाद तथा थाना प्रभारी मानस कुमार साधु के नेतृत्व में विभिन्न चौक-चौराहों एवं संवेदनशील स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी. जुलूस मार्ग पर लगातार निगरानी रखी गई, जिससे पूरा आयोजन पूरी शांति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ.
वहीं युवा सद्भावना मंच की ओर से भी वालंटियरों की तैनाती की गई थी, जिन्होंने व्यवस्था बनाए रखने एवं जुलूस में शामिल लोगों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसी क्रम में नारी नवाडीह स्थित धुर्वा मोड़ पर सामाजिक समरसता और गंगा-जमुनी तहजीब की सुंदर मिसाल देखने को मिली. विभिन्न समुदायों के लोगों ने एकजुट होकर हुसैनी जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता, विनेश साहू, विनय साहू, संदीप साहू, विवेक साहू सहित अन्य लोगों ने जुलूस में शामिल अकीदतमंदों को कोल्ड ड्रिंक एवं शीतल पेयजल वितरित कर भाईचारे का संदेश दिया.
यह दृश्य आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकता का प्रतीक बना रहा. इस अवसर पर समाजसेवी कुद्दूस अंसारी ने कर्बला की महान कुर्बानी को याद करते हुए कहा, 'क़त्ल-ए-हुसैन अस्ल में मर्ग-ए-यज़ीद है, इस्लाम ज़िंदा होता है हर कर्बला के बाद.' उनके इस संदेश ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया. पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, अनुशासन, भाईचारे और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने यह संदेश दिया कि मुहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, इंसानियत और कुर्बानी की अमर मिसाल है.
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