झारखंड

झारखंड में बहाल डीएसपी की पोस्टिंग में देरी का मामला, गृह विभाग ने डीजीपी से मांगा जवाब

न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: झारखंड में 7वीं से 10वीं जेपीएससी के माध्यम से बहाल डीएसपी अधिकारियों की नियमित पोस्टिंग में हो रही देरी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई हैं. आगामी विधानसभा सत्र से पहले बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने तारांकित प्रश्न के जरिए सरकार से जवाब तलब किया हैं. उन्होंने पूछा है कि साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद भी इन अधिकारियों को स्वतंत्र प्रभार या नियमित पदस्थापन क्यों नहीं दिया गया.

गृह विभाग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने डीजीपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी हैं. विभाग के अवर सचिव अजीत कुमार सिंह ने पत्र जारी कर 9 मार्च को विधानसभा में पूछे जाने वाले प्रश्न के मद्देनजर तथ्यात्मक जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है ताकि सदन में सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब दिया जा सके.

विधायक ने अपने प्रश्न में उल्लेख किया है कि 7वीं से 10वीं जेपीएससी के तहत नियुक्त कई डीएसपी अधिकारियों की सेवा संपुष्ट हो चुकी है, बावजूद इसके वे अब तक नियमित पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई जिलों और अनुमंडलों के साथ-साथ जैप, आईआरबी और एटीएस जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में डीएसपी स्तर के अधिकारियों की कमी बनी हुई हैं. नागेंद्र महतो ने बिना नियमित पदस्थापन के वेतन भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि अधिकारियों को लंबे समय तक ‘वेटिंग फॉर पोस्टिंग’ में रखना प्रशासनिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है और इससे कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता हैं.

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