झारखंड में आय वृद्धि योजना को लेकर दायर जनहित याचि

आय वृद्धि योजना पर हाई कोर्ट में सुनवाई, सरकार से 4 हफ्ते में जवाब तलब

न्यूज11 भारत रांची/डेस्क: झारखंड में आय वृद्धि योजना को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को झारखंड हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई. बुद्धदेव उरांव की ओर से दायर इस PIL में आरोप लगाया गया है कि सरकार हर साल इस योजना के लिए करोड़ों रुपये का फंड आवंटित करती है, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं होता और फंड लैप्स हो जाता है.

याचिका में बताया गया है कि आय वृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को ट्रैक्टर, ऑटो रिक्शा जैसी मशीनरी उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. यह योजना खासतौर पर एसटी, एससी और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए चलाई जा रही है. लेकिन रांची जिले में साल 2023 से ही लाभुकों को इस योजना का कोई फायदा नहीं मिला है. RTI के जरिए जानकारी लेने पर यह सामने आया कि लाभुकों की वेरिफिकेशन लिस्ट जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है, लेकिन इसके बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. 

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एम एस सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है. याचिका करता की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज और आकाश अजीत कुमार ने पक्ष रखा, वहीं राज्य सरकार की ओर से विभोर मयंक ने पक्ष रखा. इस मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी. 

वेस्ट सिंहभूम, ईस्ट सिंहभूम और लोहरदगा से जुड़े कई मामले भी लंबित प्रार्थी के अधिवक्ता आकाश अजीत कुमार ने बताया कि इसी योजना के क्रियान्वयन को लेकर वेस्ट सिंहभूम, ईस्ट सिंहभूम और लोहरदगा से जुड़े कई मामले भी कोर्ट में लंबित हैं, जिनमें भी सरकार से जवाब मांगा गया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि 2017 से ही इस योजना को लागू कराने के लिए कई बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया, यहां तक कि अवमानना याचिकाएं भी दायर की गईं, लेकिन इसके बावजूद सरकार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में लगातार विफल रही है.