दलित अधिकारियों का शोषण और उत्पीड़न कांग्रेस की पु

अवैध वसूली के रास्ते का रोड़ा बन रहे रिम्स निदेशक को इस्तीफा देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने किया मजबूर: रमाकांत महतो

न्यूज़11 भारत  रांची/डेस्क: रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार द्वारा अपना कार्यकाल समाप्त होने से लगभग छह माह पूर्व इस्तीफा दिए जाने के मामले पर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने कहा कि रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार स्वास्थ्य विभाग में कथित अवैध वसूली की व्यवस्था के सबसे बड़े अवरोध बन चुके थे. यही कारण है कि उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अंततः इस्तीफा देने के लिए विवश कर दिया गया.

उन्होंने आरोप लगाया कि दलित अधिकारियों का शोषण और उत्पीड़न करना कांग्रेस की पुरानी कार्यसंस्कृति रही है. डॉ. राजकुमार की नियुक्ति के बाद से ही स्वास्थ्य मंत्री के इशारे पर उन्हें विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ा. यहां तक कि उन्हें पद से हटाने का आदेश भी जारी किया गया, लेकिन माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद वे अपने पद पर बने रहे. न्यायालय का यह निर्णय स्वास्थ्य मंत्री को स्वीकार नहीं था.

रमाकांत महतो ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्वास्थ्य विभाग को कथित रूप से अवैध उगाही का केंद्र बना दिया है. विभाग में मनचाहे अधिकारियों की नियुक्ति कर उनसे वसूली कराई जा रही है, जबकि ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और विशेष रूप से दलित अधिकारियों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि डॉ. राजकुमार एक अनुभवी चिकित्सक एवं कुशल प्रशासक हैं. रिम्स की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल कीं, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री द्वारा लगातार उनके कार्यों में हस्तक्षेप किया गया. उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया तथा बिना समुचित जानकारी दिए सीआईडी जांच का हवाला देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे उनके स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंची और अंततः उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा.

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था बद से बदतर स्थिति में पहुंच चुकी है. अस्पतालों में संसाधनों की कमी, अव्यवस्था और प्रशासनिक अराजकता चरम पर है. ऐसी स्थिति के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी नैतिक रूप से जिम्मेदार हैं. उन्होंने मांग की कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बचाने तथा प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें.

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