गुमला: प्रशासन हरकत में, निजी विद्यालयों पर कसी जाएगी लगाम, न्यूज़ 11 भारत खबर का असर
पंकज कुमार/न्यूज11 भारत
घाघरा/डेस्क: गुमला जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी शुल्क वसूली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब प्रशासन सक्रिय हो गया है. बुधवार को उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए.
बैठक में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के तहत जिले के निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण एवं संग्रहण को लेकर जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया. इस समिति में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला लेखा पदाधिकारी समेत विभिन्न प्रखंडों एवं विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है.
समिति को निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित शुल्क की निगरानी एवं संग्रहण की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों के शुल्क की जांच अधिनियम के अनुरूप की जाए. यदि कोई विद्यालय 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि करता है, तो उसे अनिवार्य रूप से समिति से अनुमोदन लेना होगा.
उन्होंने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर कड़ी कार्रवाई होगी. पहली बार उल्लंघन पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा, जबकि बार-बार नियम तोड़ने पर विद्यालय की मान्यता तक रद्द की जा सकती है.
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को अधिनियम एवं विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड आवासीय विद्यालय एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय की नामांकन सूची को भी अनुमोदित किया गया. साथ ही, रिक्त सीटों पर जल्द नामांकन पूरा करने का निर्देश दिया गया.
इसके अलावा माध्यमिक विद्यालयों के जोन निर्धारण से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई. बैठक में जिला शिक्षा विभाग के विभिन्न पदाधिकारी एवं सभी वार्डेन उपस्थित रहे.