हजारों श्रद्धालुओं ने कलश वंदन यात्रा में की सहभाग

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली से आई पावन मिट्टी का रांची में भव्य स्वागत

न्यूज11 भारत रांची/डेस्क: भारतीय जनता पार्टी द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती समरसता अभियान के अंतर्गत उनकी जन्मस्थली से लाई गई पावन मिट्टी के कलश का आज रांची में भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया. पिस्का मोड़ स्थित विश्वनाथ मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कलश का वंदन किया गया. इसके उपरांत हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं, रविदास समाज एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता में ढोल-नगाड़ों, भगवा ध्वज और जयघोष के साथ विशाल "कलश वंदन यात्रा" निकाली गई, जो विश्वनाथ मंदिर से पहाड़ी मंदिर तक पहुँची. यात्रा के दौरान पिस्का मोड़ से पहाड़ी मंदिर तक विभिन्न स्थानों पर आम नागरिकों एवं रविदास महासभा के पदाधिकारियों ने पुष्पवर्षा कर पावन कलश का भव्य स्वागत किया. पहाड़ी मंदिर परिसर में पावन मिट्टी के कलश को श्रद्धापूर्वक विश्राम दिया गया, जहाँ यह आगामी चार दिनों तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विराजमान रहेगा.

कार्यक्रम में भाजपा झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुबर दास, मधु कोड़ा, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी, मनोज सिंह, रांची विधायक सी.पी. सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, रांची की महापौर श्रीमती रौशनी खलखो, उपमहापौर नीरज कुमार, भाजपा रांची महानगर के जिलाध्यक्ष वरुण साहू, सत्यनारायण सिंह, रमेश सिंह, संजीव विजयवर्गीय ,बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, ललित ओझा, संजय जायसवाल, राजू सिंह, संकेत तिवारी, नीरज चौधरी, रेखा महतो, विनय राज सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी केवल एक संत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और आत्मसम्मान के महान प्रवर्तक थे. उनके विचार आज भी समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकात्मता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संत रविदास जी के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने और समरस समाज के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है.

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि संत गुरु रविदास जी का जीवन मानवता, सेवा और सामाजिक न्याय का अद्वितीय उदाहरण है. उनकी जन्मस्थली से आई पावन मिट्टी का झारखंड आगमन पूरे राज्य के लिए सौभाग्य का विषय है. उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज को जोड़ने और भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा.

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने कर्म, भक्ति और विचारों से समाज को नई दिशा दी. उन्होंने ऊँच-नीच और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाकर समानता पर आधारित समाज की स्थापना का संदेश दिया. आज आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सामाजिक समरसता को और अधिक सुदृढ़ बनाएं.

पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि व्यक्ति की महानता उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके विचार, चरित्र और कर्म से निर्धारित होती है. उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को एक सूत्र में पिरोने की प्रेरणा देता है.

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि संत गुरु रविदास जी ने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों में आत्मविश्वास, सम्मान और अधिकारों की चेतना जगाई. उनके विचार सामाजिक न्याय और समान अवसरों पर आधारित भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं. पावन मिट्टी का यह कलश समाज को उनके आदर्शों से जोड़ने का एक प्रेरणादायी माध्यम बनेगा.

उल्लेखनीय है कि 15वीं शताब्दी के महान संत, समाज सुधारक एवं भक्तिकाल के प्रमुख स्तंभ संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने अपने जीवन के माध्यम से समता, सद्भाव, श्रम की गरिमा, मानव सेवा और ईश्वर भक्ति का संदेश दिया. उनका प्रसिद्ध विचार "मन चंगा तो कठौती में गंगा" तथा "बेगमपुरा" की परिकल्पना आज भी सामाजिक समानता और न्यायपूर्ण व्यवस्था का प्रेरणास्रोत है. उनके विचारों ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और आत्मविश्वास का संदेश पहुँचाया तथा भारतीय संत परंपरा को नई दिशा प्रदान की.

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के आदर्शों पर चलने तथा समरस, समानतामूलक और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया.