बरवाडीह प्रखंड के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल

सरईडीह शिव मंदिर के पांचवें स्थापना दिवस समारोह का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धा और आस्था का जनसैलाब

प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह प्रखंड के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में विख्यात सरईडीह शिव मंदिर के पांचवें वार्षिक स्थापना दिवस समारोह का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ. तीन दिवसीय इस धार्मिक महोत्सव की शुरुआत विशाल कलश यात्रा के साथ की गई, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा तथा "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा. मंदिर परिसर से निकली भव्य कलश यात्रा में स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह, जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी, मंदिर समिति के संस्थापक अमरेश गुप्ता सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. इसके अलावा बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु सिर पर कलश लेकर यात्रा में शामिल हुईं. कलश यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करते हुए केचकी संगम तट पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई. संगम के पवित्र जल से कलश भरने के बाद श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे, जहां स्थापित कलशों की विधिवत पूजा कर धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत की गई.

पूरे मार्ग में श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे. भक्ति गीतों और धार्मिक नारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा. कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर समिति के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि सरईडीह शिव मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है. ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देते हैं. मंदिरों और धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास से हमारी सांस्कृतिक विरासत मजबूत होती है. उन्होंने मंदिर समिति द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए स्थापना दिवस समारोह की सफलता की शुभकामनाएं दीं तथा श्रद्धालुओं से धर्म और संस्कृति के संरक्षण में अपनी सहभागिता निभाने का आह्वान किया.

जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी ने कहा कि सरईडीह शिव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान और लोगों की आस्था का केंद्र है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं. वहीं मंदिर समिति के संस्थापक अमरेश गुप्ता ने सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मंदिर की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने पर विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी हो रही है. मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर तीन दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, हवन-पूजन, भजन-कीर्तन, प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं तथा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं.

स्थापना दिवस समारोह के पहले दिन निकली कलश यात्रा में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली. श्रद्धालुओं के उत्साह और धार्मिक आस्था ने आयोजन को भव्य रूप प्रदान किया. तीन दिवसीय इस धार्मिक महोत्सव को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. सरईडीह शिव मंदिर का पांचवां स्थापना दिवस समारोह श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम बन गया है, जहां धर्म और समाज के प्रति लोगों की गहरी आस्था साफ तौर पर देखने को मिल रही है.