गढ़वा DC अनन्य मित्तल ने जिले के भंडारिया प्रखंड का किया दौरा, शिक्षा एवं पंचायत व्यवस्था का किया समीक्षा
अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत गढ़वा/डेस्क: गढ़वा उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान भंडरिया प्रखंड का व्यापक दौरा कर पंचायत सचिवालयों, विद्यालयों, छात्रावासों, स्किल सेंटर तथा प्रखंड सह अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया. इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी भंडरिया अमित कुमार उपस्थित रहे. उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली,जनसुविधाओं की उपलब्धता तथा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. क्षेत्र भ्रमण के दौरान गढ़वा उपायुक्त ने भंडरिया प्रखंड के करचाली पंचायत पहुंचे,जहां उन्होंने पंचायत सचिवालय का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पंचायत की मुखिया मोनिका खलखो भी उपस्थित थीं.
उपायुक्त ने सचिवालय के सभी कमरों का भ्रमण कर वहां की वस्तुस्थिति का जायजा लिया तथा बेहतर संचालन और जनहितकारी सेवाओं के प्रभावी निष्पादन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए. वहीं मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से संवाद करते हुए उपायुक्त ने पंचायत की समस्याओं की जानकारी ली. ग्रामीणों ने निकटवर्ती मदगरी पंचायत में निर्मित धूमकुड़ियां भवन में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग रखी. साथ ही धान अधिप्राप्ति, एफपीओ संबंधी समस्याएं तथा लैंप-पैक्स से जुड़ी शिकायतें भी उनके समक्ष रखीं. उपायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक जांच एवं कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा लैंप-पैक्स की जांच कराने की भी बात कही.
इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से पंचायत के हाई स्कूल एवं मिडिल स्कूल की स्थिति तथा वहां संचालित पठन-पाठन के विषय में जानकारी प्राप्त की. इसके पश्चात उपायुक्त ने राजकीय मध्य विद्यालय करचाली का औचक निरीक्षण किया. विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनाथ केरकेटा ने बताया कि विद्यालय में कुल 98 बच्चे अध्ययनरत हैं तथा लगभग 60 प्रतिशत बच्चों की प्रतिदिन उपस्थिति रहती है. उपायुक्त ने मध्यान्ह भोजन के मेन्यू और गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नुरुल अयन ने विद्यालय में चार शिक्षकों की उपलब्धता तथा स्कूल संचालन की जानकारी देते हुए विद्यालय की बाउंड्री निर्माण की आवश्यकता से अवगत कराया. इस पर उपायुक्त ने प्रधानाध्यापक को आवश्यक प्रस्ताव एवं प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए.
उन्होंने कक्षा-वार नामांकन, विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन तथा‘गढ़वा लर्न्स-गढ़वा लीड्स’कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की.इसके बाद उपायुक्त ने राजकीय कृत प्लस टू उच्च विद्यालय भंडारिया का निरीक्षण किया. प्रधानाध्यापक चंदन सिंह एवं अन्य शिक्षकों की उपस्थिति में विद्यालय की स्थिति का अवलोकन किया गया. विद्यालय में कुल 785 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 260 छात्राएं शामिल हैं. निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शौचालय की समस्या सामने आने पर उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर शीघ्र शौचालय निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.उपायुक्त ने एकलव्य आवासीय विद्यालय भंडारिया का भी निरीक्षण किया. विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई संचालित होती है और पूरे जिले में यह अपनी तरह का एकमात्र विद्यालय है.
विद्यालय में मात्र तीन शिक्षक कार्यरत हैं जबकि विद्यार्थियों की संख्या 220 है. उपायुक्त ने स्टाफ की कमी और शैक्षणिक आवश्यकताओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करने की बात कही.उन्होंने बॉयज एवं गर्ल्स हॉस्टल का निरीक्षण कर प्रत्येक कमरे का भ्रमण किया और उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया. बिजली आपूर्ति संबंधी समस्या पर जानकारी दी गई कि जड़ेडा को पत्राचार किया गया है और शीघ्र समाधान की उम्मीद है. उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय भंडारिया का निरीक्षण किया. यहां उन्होंने प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सहकारिता पदाधिकारी, बीपीओ जेएसएलपीएस तथा अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ बैठक कर भंडारिया एवं बड़गड़ प्रखंडों में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा की.बैठक में विशेष रूप से बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र के टेहरी पंचायत में रोजगार के अवसरों पर चर्चा की गई.
उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के साथ बैठक कर टेहरी पंचायत के समग्र विकास एवं रोजगार सृजन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए तथा इसकी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए. उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना, शिक्षा एवं बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के नए अवसर सुनिश्चित करना है. उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान एवं योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील एवं जवाबदेह होकर कार्य करने का निर्देश दिया.
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