भरनो के अमलीया गांव में गजराज का आतंक: घर क्षतिग्रस्त कर अनाज खाया, टमाटर की फसल को भी रौंदकर किया बर्बाद
प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत गुमला/डेस्क: भरनो प्रखंड के अमलीया गांव में शनिवार देर रात एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया.हाथी ने अमलीया वन समिति के पूर्व अध्यक्ष जगजीवन सिंह के मिट्टी से बने घर को तीन अलग-अलग स्थानों पर तोड़कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया.साथ ही घर के अंदर रखे दो बोरा अनाज खा गया तथा कई घरेलू सामानों को भी नुकसान पहुंचाया.घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था,जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई.प्राप्त जानकारी के अनुसार रात के समय एक जंगली हाथी अमलीया जंगल से निकलकर गांव में प्रवेश कर गया.गांव पहुंचते ही उसने जगजीवन सिंह के घर को निशाना बनाया और घर की दीवारों को तोड़ दिया.
हाथी ने घर के भीतर रखे अनाज को खा लिया और अन्य सामानों को भी बर्बाद कर दिया.बताया जाता है कि जगजीवन सिंह इन दिनों काम के सिलसिले में गुमला में रहते हैं.घटना की रात उनकी पत्नी और बच्चे बस्ती स्थित पुराने घर में सोने चले गए थे,जिसके कारण घर खाली था.ग्रामीणों का कहना है कि यदि उस समय घर में लोग मौजूद रहते तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी.हाथी के उत्पात से केवल घर ही नहीं,बल्कि खेती को भी नुकसान पहुंचा है.इसी गांव के किसान केशर सिंह के खेत में लगी टमाटर की फसल को भी हाथी ने रौंद दिया,जिससे उन्हें आर्थिक क्षति हुई है.
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है,जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है.घटना की सूचना मिलने के बाद पीड़ित जगजीवन सिंह ने वन विभाग को इसकी जानकारी दी और उचित मुआवजा देने की मांग की.सूचना पर रविवार को वनरक्षी अकील अहमद अमलीया गांव पहुंचे और प्रभावित स्थलों का निरीक्षण किया.उन्होंने हाथी द्वारा पहुंचाए गए नुकसान का आकलन करते हुए आवश्यक कागजी प्रक्रिया शुरू की.वनरक्षी अकील अहमद ने बताया कि विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा.
उन्होंने प्रभावित लोगों को निःशुल्क आवेदन प्रपत्र उपलब्ध कराया तथा हाथियों से बचाव और सतर्कता के लिए विभाग की ओर से टॉर्च लाइट भी वितरित की.वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों की गतिविधियों की सूचना तत्काल देने तथा रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के बढ़ते आतंक पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है.वहीं घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात के समय हाथियों के दोबारा आने की आशंका से चिंतित हैं.
यह भी पढ़ें: गढ़वा में करोड़ों की जलमीनार टेढ़ी बनी, 600 आबादी आज भी पानी के लिए परेशान