बिहार के राजनीतिक इतिहास में पहली बार इतने कम मुस्लिम विधायकों ने जीत की दर्ज, इस वर्ष सबसे अधिक जीते थे MLAs..
न्यूज11 भारत रांची/डेस्कः- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस बार मुस्लिम विधायक की संख्या में एतिहासिक रुप से कमी हुई है. 2020 में कुल 19 मुस्लिम विधायक चुनकर आए थे और इस बार 11 विधायक चुनकर आए हैं. AIMIM ने सीमांचल में पिछली सभी सीटों पर जीत दर्ज कर ली है.
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार एनडीए की आंधी के सामने महागठबंधन का सारा हथकंडा धरा का धरा रह गया. पिछले विधानसभा चुनाव से 8 मुस्लिम विधायक इसबार कम जीतकर आए हैं. बिहार के राजनीतिक इतिहास को अगर हम देखें 1951 से लेकर अभी तक जितने भी चुनाव हुए हैं उन चुनावों में सबसे ज्यादा मुस्लिम विधायक 1985 के चुनाव में जीत कर आए थे. उस दौरान कुल 34 मुस्लिम विधायक सदन में थे. वहीं सबसे कम 11 की संख्या इस बार की चुनाव में है. 2025 के चुनाव में सबसे ज्यादा ओवैसी की पार्टी AIMIM से 5 वीधायक जीत कर आए हैं. वहीं आरजेडी से 3 मुस्लिम विधायक चुने गए हैं. वहीं कांग्रेस से 2 व जेडीयू से एक मुस्लिम विधायक जीत कर आए हैं. सीपीआई एमएल व चिराग की पार्टी से कोई भी मुस्लिम विधायक नहीं जीत पाए.
मुस्लिमों में ओवैसी की बढी लोकप्रियता ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी महागठबंधन को न सिर्फ सीमांचल, बल्कि अन्य मुस्लिम इलाकों में भी अपना प्रभाव को दिखाया है. बता दें कि 2020 में भी ओवैसी के 5 विधायक जीते थे जिसमें से 4 विधायकों ने तुरंत आरजेडी का दामन थाम लिया था.
1951 से लेकर 2025 तक के मुस्लिम विधायक बिहार में सबसे पहले साल 1951-52 के पहले विधानसभा चुनाव में 24 मुस्लिम विधायक जीते थे. 1957 में 25, 1962 के चुनाव में 21 विधायक जीत कर आए थे. 1967 के चुनाव में 18 मुस्लिम जीते थे. 1969 में 19 मुस्लिम जीत दरेज की थी. वहीं 1980 के चुनाव में मुस्लिम विधायक की संख्या में इजाफा हुई थी, जिसमें कुल 28 विधायक जीत कर आए थे. जबकि 1985 के चुनाव में सबसे ज्यादा 34 विधायकों ने जीत दर्ज की थी. 1990 के चुनाव के बाद मुस्लिम विधायकों की संख्या में कमी आई और महज 20 विधायक ही जीत पाए. 2000 में एक बार फिर से मुस्लिम विधायकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई इस साल 29 मुस्लिम विधायक जीत कर सदन पहुंचे. 2005 में जब सत्ता परिवर्तन हुआ तो मुस्लिम विधायकों की जीतने की संख्या में अचानक से कमी आई औऱ मात्र 16 विधायक जीत दर्ज कर पाई. 2015 के चुनाव में जब नीतिश लालू एक साथ आए तो उस दौरान 24 मुस्लिम विधायकों ने जीत दर्ज कर पाई थी. और अब जब 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न हुए तो 11 मुस्लिम विधायकों ने जीत दर्ज कर पाई है उसमें से ओवैसी की पार्टी के 5 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है.
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