किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मत्स्य पालन कर

राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस पर सीतारामपुर जलाशय में कार्यक्रम आयोजित, पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन हुए शामिल

मधु सुदन/न्यूज़11 भारत  सरायकेला/डेस्क: राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन की ओर से सीतारामपुर जलाशय परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन मुख्य रूप से शामिल हुए.

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन ने कहा कि मछली पालन किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है. भारत आज मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है तथा वैश्विक मछली उत्पादन में लगभग 8 प्रतिशत का योगदान दे रहा है. उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मत्स्य पालन के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया.

कार्यक्रम के दौरान मत्स्य पालक किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, तालाब प्रबंधन तथा आयवृद्धि के बेहतर अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई. अधिकारियों ने किसानों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन करने के लिए प्रेरित किया. इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, मत्स्य विभाग के अधिकारी, जिला प्रशासन के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में मत्स्य पालक किसान उपस्थित रहे.