विश्व युवा कौशल दिवस पर ईएसएल स्टील की पहल, 700 से अधिक युवाओं को मिला कौशल प्रशिक्षण, 400 को रोजगार
ब्योमकेश मिश्रा/न्यूज़11 भारत चंदनकियारी/डेस्क: विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (VISL) की सहायक कंपनी ईएसएल स्टील लिमिटेड ने कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, खेल और आजीविका के क्षेत्र में युवाओं को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. कंपनी ने कहा कि उसकी सामुदायिक विकास पहलों से अब तक 1 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है.
विश्व युवा कौशल दिवस 2026 की थीम "साझा भविष्य के लिए कौशल (Skills for a Shared Future)" के अनुरूप ईएसएल स्टील युवाओं को तकनीकी, व्यावसायिक और डिजिटल कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है.
बोकारो स्थित वेदांता ईएसएल स्किल स्कूल कंपनी की प्रमुख पहल है. यहां युवाओं को सोलर पीवी इंस्टॉलेशन एवं होम अप्लायंस रिपेयर जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है. वर्ष 2022 में स्थापना के बाद अब तक 700 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें 400 से अधिक युवाओं को संगठित क्षेत्र में रोजगार भी मिला है.
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने प्रोजेक्ट AAS विद्यालय के तहत डिजिटल लर्निंग कैफे स्थापित किए हैं. इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण छात्रों और युवाओं को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़कर उनकी डिजिटल साक्षरता और शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा रहा है.
इस अवसर पर ईएसएल स्टील लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक रवीश शर्मा ने कहा कि लोगों के विकास में किया गया निवेश सबसे महत्वपूर्ण निवेश होता है. उन्होंने कहा कि स्किल स्कूल, डिजिटल लर्निंग सेंटर और खेल विकास जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक कौशल, आत्मविश्वास और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना तथा समुदायों के समावेशी एवं सतत विकास में योगदान देना कंपनी की प्राथमिकता है.
खेलों के क्षेत्र में भी ईएसएल स्टील सक्रिय भूमिका निभा रही है. वेदांता ईएसएल तीरंदाजी अकादमी के माध्यम से अब तक 50 से अधिक युवा तीरंदाजों को प्रशिक्षण दिया गया है. अकादमी के खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 200 से अधिक पदक जीते हैं. वहीं कंपनी की ग्रामीण खेल पहलों से 400 से अधिक युवाओं को लाभ मिला है.
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रोजेक्ट जीविका के तहत स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है. महिलाओं को सिलाई, मशरूम उत्पादन सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है. ईएसएल स्टील का कहना है कि कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, खेल और आजीविका संवर्धन की इन पहलों का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, सक्षम और सशक्त समाज का निर्माण करना है. कंपनी की ये पहलें विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं.