ED की SBI बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार की 98 लाख की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क
न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची जोनल कार्यालय ने बैंकिंग धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनके परिवार की 97.92 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है. ED द्वारा जब्त संपत्तियों में साहिबगंज स्थित एक आलीशान मकान और पटना के एक प्रमुख इलाके में स्थित एक फ्लैट शामिल है. क्या है पूरा मामला ED की जांच CBI के एंटी करप्शन ब्रांच, धनबाद और शिकारीपाड़ा थाने में दर्ज कई प्राथमिकी और चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई. मनोज कुमार पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. कैसे अंजाम दिया गया घोटाला जांच में सामने आया है कि आरोपी ने साहिबगंज, बरहेट बाजार, फूलबंगा और शिकारीपाड़ा क्षेत्रों में SBI की विभिन्न शाखाओं में तैनाती के दौरान सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी को अंजाम दिया. आरोप है कि उन्होंने ऐसे ग्राहकों को निशाना बनाया जो विरोध करने की स्थिति में नहीं थे और उनके खातों से बार-बार अवैध निकासी की. ED के अनुसार, निकाली गई राशि को सीधे अपने पास रखने के बजाय आरोपी ने बिचौलियों, गैर-सरकारी संगठनों और शेल कंपनियों के नेटवर्क के माध्यम से घुमाया, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके. करोड़ों की अवैध कमाई का खुलासा ED के मुताबिक, इस पूरे घोटाले से लगभग 5.40 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई. अब तक करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है, जबकि शेष राशि और उससे जुड़ी अन्य संपत्तियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है. ये भी पढ़ें- हजारीबाग सहायक वन संरक्षक अविनाश कुमार परमार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई पर झारखंड हाईकोर्ट ने लगाई रोक