आंदोलन की चेतावनी

चैनपुर अस्पताल में नशे में धुत डॉक्टर द्वारा मरीजों और पत्रकारों से बदसलूकी, सांसद प्रतिनिधि ने सिविल सर्जन को लिखा पत्र

राजन पाण्डेय/न्यूज़11 भारत चैनपुर/डेस्क: चैनपुर अस्पताल से लापरवाही और संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है. अस्पताल में कार्यरत डॉ. प्रभात कुमार पर ड्यूटी के दौरान पूर्ण रूप से नशे में रहने, मरीजों और अपना कर्तव्य निभा रहे स्थानीय मीडिया कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार व गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है. इस घटना को लेकर क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है. मामले की गंभीरता को देखते हुए चैनपुर के सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा ने गुमला के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कड़ी विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है. 

सिविल सर्जन को भेजे गए पत्र के अनुसार, घटना 19 जून 2026 की है. चैनपुर अस्पताल में दो घायल युवाओं को इलाज के लिए लाया गया था. उस वक्त अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रभात कुमार कथित तौर पर पूरी तरह नशे की हालत में थे. आरोप है कि उन्होंने न केवल घायल मरीजों और उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले स्थानीय नागरिकों के साथ बदसलूकी की, बल्कि कवरेज करने पहुंचे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी प्रेस रिपोर्टरों के साथ भी गाली-गलौज और बेहद अभद्र व्यवहार किया. यह पूरा मामला 21 जून 2026 को समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हुआ. 

कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रमोद खलखो के साथ सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा ने अपने पत्र में कहा है कि चैनपुर अस्पताल से आए दिन इस तरह की लापरवाही और दुर्व्यवहार की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे स्थानीय जनता में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भारी असंतोष है. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे भय और अराजकता के माहौल में आम जनता का इलाज संभव नहीं है.इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्र की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई और सूचना के लिए माननीय सांसद, लोहरदगा-गुमला संसदीय क्षेत्र सुखदेव भगत,उपायुक्त गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी चैनपुर,प्रभारी चिकित्सक चैनपुर अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है. अब देखना यह है कि इस गंभीर शिकायत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग आरोपी डॉक्टर पर क्या और कितनी जल्दी कार्रवाई करता है.