नगर निगम द्वारा गार्बेज बैग को सिंगल यूज प्लास्टिक

गार्बेज बैग पर नगर निगम की कार्रवाई पर डिस्पोजेबल व्यापारियों ने झारखण्ड चैंबर के साथ की बैठक

न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: हाल ही में राजधानी रांची के कार्ट सराय रोड स्थित एक प्रतिष्ठान पर नगर निगम द्वारा गार्बेज बैग को सिंगल यूज प्लास्टिक बताकर जब्त किए जाने की कार्रवाई के विरोध में शहर के कई डिस्पोजेबल व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल आज फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा एवं पदाधिकारियों से मिला. व्यापारियों ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए चैंबर से हस्तक्षेप कर न्यायोचित समाधान कराने का आग्रह किया.

बैठक में व्यापारियों ने बताया कि 22 जुलाई 2022 को नगर निगम, झारखण्ड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सूडा, झारखण्ड चैंबर तथा डिस्पोजेबल व्यापारियों के बीच हुई संयुक्त बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद यह सहमति बनी थी कि गार्बेज बैग का कोई व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की श्रेणी से बाहर रखा जाएगा. इसी निर्णय के आलोक में राज्यभर के व्यापारी वर्षों से गार्बेज बैग का वैध रूप से क्रय-विक्रय करते आ रहे हैं.

व्यापारियों ने कहा कि 18 जून 2026 की सुबह नगर निगम के धावा दल द्वारा एक व्यापारी के प्रतिष्ठान पर की गई जब्ती एवं दंडात्मक कार्रवाई अनुचित है. उन्होंने मांग की कि नगर निगम पूर्व में हुए निर्णय का सम्मान करते हुए गार्बेज बैग पर स्पष्ट छूट प्रदान करे, जब्त किए गए माल को तत्काल वापस लौटाए तथा संबंधित व्यापारी पर लगाया गया जुर्माना भी निरस्त करे. उन्होंने इस मामले में झारखण्ड चैंबर से इस मामले में हस्तक्षेप कर, इसे व्यवहारिक ढंग से सुलझाने की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया जाता तो वे अपनी दुकान को अनिष्चितकाल के लिए बंद कर देंगे. बैठक में उपस्थित सभी व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का न तो क्रय-विक्रय करते हैं और न ही भविष्य में करेंगे. उन्होंने नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित कर शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के अभियान में पूर्ण सहयोग देने का संकल्प दोहराया. व्यापारियों ने कहा कि राज्य को स्वच्छ, सुंदर एवं प्रदूषणमुक्त बनाने के सरकार के सभी प्रयासों में व्यापारिक समुदाय सदैव सहभागी रहेगा. 

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि यह विषय हजारों व्यापारियों एवं उनके कर्मचारियों की आजीविका से जुड़ा है. चैंबर शीघ्र ही नगर आयुक्त एवं संबंधित अधिकारियों से मिलकर इस मामले का व्यवहारिक एवं स्थायी समाधान निकालने का प्रयास करेगा, ताकि व्यापारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्यों की भी पूर्ति हो सके.

चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों की अनदेखी कर, की गई कार्रवाई से व्यापारियों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई है. यदि किसी वस्तु के संबंध में नीति में कोई परिवर्तन किया गया है तो उसकी व्यापक जानकारी पहले व्यापारियों को दी जानी चाहिए. बिना पूर्व सूचना के दंडात्मक कार्रवाई करना उचित नहीं है. सिविक एमिनिटी उप समिति के चेयरमैन अमित शर्मा ने कहा कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में व्यापारी समुदाय सरकार के साथ है, लेकिन गार्बेज बैग एक आवश्यक उपयोग की वस्तु है, जिसका वर्तमान में प्रभावी विकल्प उपलब्ध नहीं है. यह घर, अस्पताल समेत कई जगहों पर भी उपयोग होता है, जिसमे कचरा एक साथ डालकर रखा जाता है. यह नहीं रहने पर सड़कों पर कुंडों कचड़ों का अंबार लग सकता है. उन्होंने कहा कि निगम को पर्यावरण संरक्षण और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन बनाते हुए व्यवहारिक नीति अपनाना चाहिए. 

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, महासचिव रोहित अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य एवं सिविक एमिनिटी उप समिति चेयरमैन अमित शर्मा, उप समिति चेयरमैन कुणाल विजयवर्गीय,  प्लास्टिक संघ के राजीव थेपड़ा, संजय सिंह, डीपी गुप्ता, सुनील पोद्दार, श्याम चौधरी, प्रमोद सारस्वत, दीपक नंदा, कशिश नागपाल, प्रेम सिंह, दीपक अग्रवाल, राकेश प्रसाद, पंकज चौधरी, पंकज अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, अशोक जयसवाल, सुनील चौधरी, राहुल कुमार, राकेश बरनवाल, कौशल दुबे, ऋषभ चौधरी, गौरव कुमार के अलावा ५० से अधिक डिस्पोजेबल व्यापारी उपस्थित थे. 

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