कागजों में मौत, हकीकत में जिंदा... 18 माह से पेंशन को तरस रही महिला
प्रमोद कुमार/न्यूज11 भारत बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह के पुराने प्रखंड परिसर में शुक्रवार को ग्राम स्वशासन अभियान एवं संयुक्त ग्राम सभा मंच के संयुक्त तत्वावधान में लंबित पेंशन मामलों के समाधान को लेकर जनसुनवाई का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांग पेंशनधारियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों और ज्यूरी सदस्यों के समक्ष रखीं. जनसुनवाई के दौरान मोरवाई पंचायत की लाभुक भुखली देवी ने बताया कि सरकारी अभिलेखों में उन्हें 18 माह पूर्व मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह जीवित हैं. इस त्रुटि के कारण उनकी पेंशन पिछले डेढ़ वर्ष से बंद है. उन्होंने अविलंब पेंशन बहाल करने की मांग की.
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी, जिला परिषद सदस्य कन्हाई सिंह, प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी, संयुक्त ग्राम सभा मंच के अध्यक्ष मुंद्रिका सिंह, पेंशन ऑपरेटर पप्पू कुमार तथा ज्यूरी सदस्य जेम्स हेरेंज और मिथलेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया.ज्यूरी सदस्य जेम्स हेरेंज ने कहा कि वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों के लिए पेंशन जीवनयापन का महत्वपूर्ण सहारा है. लंबे समय तक पेंशन लंबित रहना गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने संबंधित विभाग से सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने की अपील की.पेंशन ऑपरेटर पप्पू कुमार ने बताया कि तकनीकी कारणों से लंबित मामलों के समाधान की प्रक्रिया जारी है और सभी पात्र लाभुकों की पेंशन जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है.ज्यूरी सदस्य मिथलेश कुमार ने सुझाव दिया कि यदि प्रखंड प्रशासन डीबीटी से जुड़े लाभुकों की सूची ग्राम स्वशासन अभियान को उपलब्ध कराए, तो गांव स्तर पर ही अधिकांश समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा.कार्यक्रम में संयुक्त ग्राम सभा मंच एवं ग्राम स्वशासन अभियान के कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में वृद्ध महिला-पुरुष मौजूद रहे. सभी ने पेंशन व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग की.