मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों एवं योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की
न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों एवं योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र राज्य के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए बिजली उत्पादन, संचरण एवं वितरण व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी बनाया जाए.मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा बिजली कटौती एवं अन्य समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए. उन्होंने कहा कि बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाए.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों तक भी निर्बाध बिजली पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने ऊर्जा विभाग को जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली कटौती से संबंधित शिकायतों का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नई तकनीक एवं संसाधनों का उपयोग करें
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक एवं नवाचार आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि झारखंड में उपलब्ध जल संसाधनों, जलाशयों एवं जलप्रपातों की अपार संभावनाओं का वैज्ञानिक एवं तकनीकी आकलन कर जलविद्युत उत्पादन को नई गति दी जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से हुंडरू, जोन्हा सहित राज्य के विभिन्न जलप्रपातों एवं जलाशयों की क्षमता का विस्तृत अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों और इंजीनियरिंग समाधानों का उपयोग करते हुए कम जल उपलब्धता में भी अधिकतम बिजली उत्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा सके और भविष्य की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति प्रभावी ढंग से हो सके.
रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड, विद्युत व्यवस्था होगी और अधिक सुदृढ़ रांची, राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत रांची में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे. इस संबंध में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विस्तृत जानकारी दी. नए स्मार्ट ग्रिड कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा कई नए विद्युत उपकेंद्रों का भी निर्माण किया जाएगा.
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि स्मार्ट ग्रिड परियोजना के माध्यम से विद्युत वितरण प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी. इसके साथ ही बिजली आपूर्ति की निगरानी, लोड प्रबंधन एवं संभावित तकनीकी बाधाओं के त्वरित समाधान में भी सुविधा होगी.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना के कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा कार्यान्वयन में गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है.
अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट ग्रिड स्थापित होने से बिजली वितरण नेटवर्क अधिक सक्षम होगा, ऊर्जा हानि में कमी आएगी तथा उपभोक्ताओं को आधुनिक और बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी. यह परियोजना राज्य की ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली का लाभ सुनिश्चित करने का मुख्यमंत्री का निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य के सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना का लाभ प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र लाभुकों की पहचान, योजना के क्रियान्वयन तथा लाभ वितरण की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया जाए, ताकि किसी भी पात्र उपभोक्ता को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े. उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी करने तथा योजना से संबंधित शिकायतों के त्वरित निष्पादन के भी निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि निःशुल्क बिजली योजना से राज्य के लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है. ऐसे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि योजना का लाभ सभी पात्र उपभोक्ताओं तक समय पर पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों को लाभुकों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ प्राप्त कर सकें.
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र उपभोक्ताओं को योजना का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारियों को सतत निगरानी और समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया. सिकिदिरी पावर प्लांट के आधुनिकीकरण एवं उत्पादन क्षमता विस्तार पर विशेष जोर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समीक्षा बैठक के दौरान सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना की वर्तमान उत्पादन क्षमता, तकनीकी स्थिति एवं भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्लांट में स्थापित पुरानी एवं नई मशीनों की कार्यक्षमता का तुलनात्मक अध्ययन कर उनकी दक्षता का समग्र आकलन किया जाए, ताकि विद्युत उत्पादन को और अधिक प्रभावी एवं किफायती बनाया जा सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों का लाभ उठाते हुए सिकिदिरी पावर प्लांट के आधुनिकीकरण की दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए. इससे कम जल उपयोग के साथ अधिकतम बिजली उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्लांट में आधुनिक एवं ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन कर विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सिकिदिरी पावर प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए. साथ ही, नवीन तकनीकों एवं बेहतर संसाधन प्रबंधन के माध्यम से उत्पादन लागत को कम करते हुए विद्युत उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित की जाए, ताकि राज्य ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सके. फ्लोटिंग एवं रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को गति देने का निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समीक्षा बैठक के दौरान प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध जलाशयों में फ्लोटिंग सोलर पैनल स्थापित करने तथा सरकारी एवं निजी भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाओं का बेहतर उपयोग कर राज्य की ऊर्जा क्षमता को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिए दीर्घकालिक एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिल सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है. इससे न केवल बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी.
बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किसानों की आय में वृद्धि तथा स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को प्रोत्साहित करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध अनुपयोगी एवं बंजर भूमि का उपयोग सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाए, जिससे किसानों को आय का एक अतिरिक्त और स्थायी स्रोत प्राप्त हो सके.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को सोलर पैनल स्थापित करने के लिए आवश्यक सब्सिडी एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए. साथ ही, किसानों द्वारा उत्पादित सौर ऊर्जा की सरकारी खरीद के लिए प्रभावी एवं पारदर्शी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उन्हें अपनी ऊर्जा का उचित लाभ मिल सके.
उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ राज्य में नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी नई गति देगी. इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य हासिल करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा.
आधुनिक ट्रांसमिशन नेटवर्क के विकास एवं ग्रिड परियोजनाओं की बाधाएं दूर करने के निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विद्युत ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक आधुनिक, सुरक्षित एवं जनहितैषी बनाने पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पारंपरिक चार पोल आधारित संरचनाओं के स्थान पर मोनोपोल जैसी आधुनिक एवं कम स्थान घेरने वाली तकनीकों को अपनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए, ताकि ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जा सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से शहरी एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ऐसी तकनीकों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे कम भूमि का उपयोग हो और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. उन्होंने बिजली पोलों के एलाइनमेंट, नियमित रखरखाव एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था अधिक विश्वसनीय बन सके.
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बोकारो, धनबाद एवं हजारीबाग के उपायुक्तों तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद कर ट्रांसमिशन लाइन एवं ग्रिड निर्माण परियोजनाओं में आ रही भूमि संबंधी बाधाओं की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिया कि वन स्वीकृति, भूमि हस्तांतरण एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं का समन्वय स्थापित कर अगले 10 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी ट्रांसमिशन लाइन एवं ग्रिड निर्माण परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके और राज्य की विद्युत अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके.
एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम एवं स्मार्ट मीटरिंग अभियान को गति देने के निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए विभागीय अधिकारियों को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति, शिकायत निवारण, परियोजनाओं की प्रगति तथा सेवा वितरण प्रणाली की निगरानी को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जा सकता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था से विद्युत संबंधी समस्याओं की पहचान एवं समाधान में तेजी आएगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल नवाचारों को बढ़ावा देते हुए कार्य प्रणाली को और अधिक आधुनिक बनाया जाए.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित स्मार्ट मीटरिंग अभियान की समीक्षा करते हुए इसके क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य पूरा किया जाए, ताकि विद्युत उपभोग की सटीक निगरानी, ऊर्जा प्रबंधन में सुधार तथा उपभोक्ताओं को बेहतर एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें. ऊर्जा विभाग की रिक्तियों पर शीघ्र होगी नियुक्ति, प्रथम चरण में 35 प्रतिशत पदों को भरने के निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा विभाग एवं उसके अधीनस्थ संस्थानों में रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरना आवश्यक है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए प्रथम चरण में 35 प्रतिशत रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए. उन्होंने कहा कि नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक स्वीकृति प्राप्त की जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो.
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि मानव संसाधन की उपलब्धता केवल मुख्यालय एवं शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण एवं पंचायत स्तर तक पर्याप्त कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर आवश्यक जनशक्ति उपलब्ध होने से विद्युत आपूर्ति, रखरखाव, शिकायत निवारण एवं उपभोक्ता सेवाओं से संबंधित कार्यों का निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन किसी भी विभाग की कार्यकुशलता की आधारशिला होता है. इसलिए नियुक्ति प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए योग्य एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि ऊर्जा विभाग की सेवाएं राज्य के अंतिम व्यक्ति तक और अधिक प्रभावी रूप से पहुंच सकें. अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी सरकारी एवं प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बिजली की उपलब्धता सीधे तौर पर मरीजों के उपचार और जीवन सुरक्षा से जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में दोहरी (ड्यूल) विद्युत लाइन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी एक लाइन में तकनीकी खराबी आने की स्थिति में दूसरी लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रह सके. उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, नवजात शिशु देखभाल इकाइयों तथा अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाओं के संचालन में बिजली की निरंतर उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पतालों की विद्युत व्यवस्था का नियमित निरीक्षण एवं तकनीकी मूल्यांकन किया जाए तथा आवश्यकतानुसार विद्युत अवसंरचना को और अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर एवं निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें. शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ करने के निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उपभोक्ता हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि बिजली संबंधी शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं त्वरित होनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हेल्पलाइन, ऑनलाइन शिकायत प्रणाली एवं जन समस्या केंद्रों को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए शिकायतों के त्वरित निष्पादन की मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रत्येक विभाग में शिकायत निवारण केंद्र स्थापित किए जाएं, जिससे लोगों की समस्याओं की सुनवाई और समाधान की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बन सके. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निष्पादन की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रिड सब-स्टेशन, पावर सब-स्टेशन एवं राज्य के विद्युत नेटवर्क से संबंधित मानचित्रों का सूक्ष्म अवलोकन किया. उन्होंने राज्य की विद्युत अवसंरचना, क्षमता विस्तार, ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की आवश्यकताओं पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की. इस दौरान विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया.
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को राज्य की वर्तमान विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, विद्युत उत्पादन, संचरण एवं वितरण प्रणाली, 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना, जन समस्या केंद्रों की प्रगति तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने इन सभी योजनाओं की समीक्षा करते हुए जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने तथा राज्यवासियों को बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के. श्रीनिवासन, ऊर्जा संचरण निगम के एमडी के.के. वर्मा, तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड के एमडी अनिल वर्मा, अपर सचिव मुस्तकीम अंसारी, संयुक्त सचिव अनंत कुमार, महाप्रबंधक (कार्मिक-सह-सामान्य प्रशासन) झारखंड ऊर्जा विकास निगम शैलेश कुमार सिंह सहित ऊर्जा विभाग एवं सहायक निगमों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. वहीं क्षेत्रीय कार्यालयों के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता डिजिटल माध्यम से बैठक में शामिल हुए.