कारोबारी विनय सिंह को कंपनी हड़पने और धोखाधड़ी केस में लिया गया रिमांड पर, बढ़ी कानूनी मुश्किलें
न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: वन भूमि और सेवायत भूमि घोटाले से जुड़े मामलों में गिरफ्तार ऑटोमोबाइल व्यापारी विनय सिंह की दिक्कतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. पुलिस ने गुरुवार को उन्हें कांड संख्या 458/2025 में औपचारिक रूप से गिरफ्तार (रिमांड) कर लिया है. ताजा गिरफ्तारी के साथ ही अब वे कुल चार मामलों में आरोपी हैं. इनमें से केवल शराब घोटाले से जुड़े एक मामले में ही उन्हें राहत मिली है, जबकि बाकी मामलों में जमानत हासिल करना अभी बाकी है. सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद ही उनकी जेल से रिहाई संभव होगी. जगन्नाथपुर थाना में दर्ज है ताजा मामला विनय सिंह के खिलाफ ACB में तीन मामले दर्ज हैं, जबकि एक केस रांची के जगन्नाथपुर थाना में दर्ज है. जिस मामले में उन्हें रिमांड पर लिया गया है, वह इसी थाना क्षेत्र का है. प्राथमिकी में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे और उनके करीबी कारोबारी विनय सिंह समेत सात लोगों पर धोखाधड़ी और एक कंपनी को अवैध रूप से हड़पने का आरोप लगाया गया है. कंपनी पर कब्जा करने की साजिश का आरोप एफआईआर के अनुसार आरोपियों में विनय चौबे, विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, अरविंद वर्मा, विशाल सिंह, राजेश कुमार सिन्हा और राजीव कुमार झा शामिल हैं. शिकायतकर्ता दीपक कुमार (अरगोड़ा निवासी) ने आरोप लगाया है कि विनय चौबे और विनय सिंह ने मिलकर एक आपराधिक षड्यंत्र रचा, जिसके तहत उनकी कंपनी पर जबरन कब्जा कर लिया गया. इतना ही नहीं, आरोपियों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने उन्हें झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने की साजिश रची. ये भी पढ़ें- लालपुर स्थित नरेश केजरीवाल के आवास में भी ED की छापेमारी, कई दस्तावेजों को खंगाल रही जांच एजेंसी