रंका थाना क्षेत्र में नशा मुक्ति पखवाड़ा के तहत गढ़वा पुलिस की जागरूकता कार्यशाला, SDPO ने दिलाई नशामुक्ति शपथ
अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल क्षेत्र के अलग-अलग विद्यालय में गढ़वा पुलिस ने झारखंड सरकार के चलाए जा रहे नशा मुक्ति पखवाड़ा अभियान के तहत रंका अनुमंडल के सीमावर्ती क्षेत्र गोदरमाना स्थित विद्यालय परिसर में गुरुवार को एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बढ़ती नशाखोरी, साइबर अपराध और अंधविश्वास जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करना था.
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विकास कुमार दास ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रंका रोहित रंजन सिंह उपस्थित रहें. कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत एवं सम्मान किया गया. विद्यालय के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने अतिथियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने का संकल्प दोहराया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है. उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने घर, परिवार और समाज में नशा विरोधी अभियान की अग्रदूत बनें. उन्होंने कहा कि लड़कियां यदि अपने माता-पिता, भाई-बहन और अन्य परिजनों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी और सामाजिक पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण नशाखोरी है. अनेक परिवार अपनी आय का बड़ा हिस्सा शराब, गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों पर खर्च कर देते हैं, जिसके कारण परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो जाते हैं. नशे के कारण घरेलू कलह, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और सामाजिक विघटन जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं. रंका एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर शराब का अवैध कारोबार कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है. इससे लोगों को अल्पकालिक आर्थिक लाभ भले ही मिल जाता हो, लेकिन इसका दीर्घकालिक प्रभाव समाज और परिवार दोनों पर अत्यंत घातक होता है.
उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर बना देती है तथा कई बार यह समय से पूर्व मृत्यु का कारण भी बन जाती है. युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकांश युवा मित्रों के दबाव, दिखावे और आधुनिकता की गलत परिभाषा के कारण नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं. शुरुआत में शौक के रूप में किया गया नशा धीरे-धीरे आदत बन जाता है और बाद में व्यक्ति इसके चंगुल से बाहर नहीं निकल पाता.
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने मित्रों को भी जागरूक करने का आह्वान किया. एसडीपीओ रंका ने तंबाकू, गुटखा, बीड़ी और सिगरेट के दुष्प्रभावों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि ये पदार्थ कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं. उन्होंने उपस्थित लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु संकल्प लेने की अपील की. कार्यक्रम में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर भी चर्चा की गई. डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है.
उन्होंने लोगों को अज्ञात लिंक, संदिग्ध कॉल और सोशल मीडिया पर मिलने वाले लालचपूर्ण प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता संख्या, ओटीपी या पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए. जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केशरी ने अपने संबोधन में कहा कि नशा मुक्ति अभियान केवल प्रशासन के प्रयासों से सफल नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा देश का भविष्य हैं तथा वे अपने गांव और परिवार में नशा विरोधी संदेश पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं.
उन्होंने सड़क सुरक्षा पर भी जोर देते हुए कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में नशा एक प्रमुख कारण होता है. नशे की हालत में वाहन चलाने से न केवल चालक बल्कि अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती है. उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपने अभिभावकों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया. थाना प्रभारी ने अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग बीमार होने पर चिकित्सकों के बजाय ओझा-गुनी और झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं, जिससे कई बार उनकी जान तक चली जाती है.
उन्होंने विद्यार्थियों से गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को वैज्ञानिक सोच अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की. मुखिया प्रतिनिधि शंभू प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पंचायत क्षेत्र आदिवासी बहुल होने के कारण यहां अंधविश्वास की समस्या अपेक्षाकृत अधिक है. उन्होंने बताया कि मुखिया गीता देवी के नेतृत्व में पंचायत स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे लोगों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है. कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विकास कुमार दास ने विद्यालय की पेयजल समस्या की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने बताया कि विद्यालय में शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने विद्यालय परिसर में हाई ट्यूबवेल बोरिंग की मांग करते हुए कहा कि इस संबंध में पंचायत और प्रखंड प्रशासन को पूर्व में भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. इस अवसर पर संकुल साधन सेवी संजय प्रसाद ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को नशामुक्त पंचायत एवं नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई. उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आग्रह किया. कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक राकेश कुमार शर्मा, राजीव कुमार दास, सुरेंद्र कुमार रवि, गोविंद यादव, सुरेंद्र मिंज, मनोज कुमार गुप्ता, सुमन बेसरा, शाहिदा जमील सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया.
कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेंद्र कुमार रवि ने किया. अंत में राष्ट्रभक्ति गीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. प्रभारी प्रधानाध्यापक विकास कुमार दास ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया. उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति अभियान तभी सफल होगा जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए.इस अवसर पर रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केशरी, पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि शंभू प्रसाद गुप्ता, शिक्षक राजीव कुमार दास सहित विद्यालय परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे.
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