वन विभाग की कार्रवाई के कुछ घंटों बाद कार्यालय में

हंटरगंज में वन विभाग कार्यालय पर हमला, अवैध कोयला जब्त करने के बाद 25-30 हथियारबंद लोगों ने छुड़ाए वाहन और आरोपी

न्यूज 11 भारत  चतरा/डेस्क: चतरा जिले के हंटरगंज में वन विभाग की अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के बाद मंगलवार देर रात बड़ा बवाल हो गया. वन विभाग कार्यालय पर 25 से 30 हथियारबंद लोगों ने धावा बोल दिया. आरोप है कि हमलावरों ने कार्यालय में घुसकर वनकर्मियों के साथ मारपीट की, हाजत का ताला तोड़कर हिरासत में बंद चालक और उपचालकों को छुड़ा लिया तथा जब्त किए गए चार हाईवा भी अपने साथ ले गए.

चेक नाका के पास पकड़े गए थे चार कोयला लदे हाईवा जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात वन विभाग की टीम ने चेक नाका के समीप छापेमारी अभियान चलाया था. इस दौरान अवैध कोयला लदे चार हाईवा जब्त किए गए. सभी वाहनों को वन विभाग कार्यालय लाया गया और उनके छह चालक एवं उपचालकों को हिरासत में लेकर हाजत में रखा गया था.

दीवार फांदकर कार्यालय में घुसे हमलावर बताया जा रहा है कि देर रात 25 से 30 अज्ञात लोग हथियार और लाठियों से लैस होकर वन विभाग कार्यालय पहुंचे. हमलावर दीवार फांदकर परिसर में दाखिल हुए और वहां मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीन लिए. इसके बाद कार्यालय के तीनों गेट तोड़ दिए और कार्यालय में रखे सरकारी राजस्व की 27,660 रुपये की नकदी भी अपने साथ ले गए. हमलावरों ने हाजत का ताला तोड़कर छह चालक एवं उपचालकों को मुक्त कराया और जब्त किए गए चारों हाईवा लेकर फरार हो गए.

हमले में कई वनकर्मी घायल इस दौरान हुई मारपीट में वनरक्षी मुकेश कुमार, होमगार्ड जवान अरविंद कुमार, जुगेश यादव और रात्रि प्रहरी अमितेश तिवारी घायल हो गए. घटना की सूचना प्रभारी वनपाल विवेक कुमार ने तत्काल स्थानीय थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी एस.आई. वीर बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ वन विभाग कार्यालय पहुंचे, लेकिन तब तक सभी हमलावर मौके से फरार हो चुके थे.

डीएफओ ने लिया घटनास्थल का जायजा, तीन प्राथमिकी दर्ज घटना के बाद बुधवार को डीएफओ राहुल मीणा वन विभाग कार्यालय पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. मामले में जब्त किए गए चारों वाहनों के मालिकों तथा 25 से 30 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. वहीं, अज्ञात हमलावरों की पहचान करने और पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों तक पहुंचने के लिए पुलिस और वन विभाग की संयुक्त जांच जारी है.