झारखंड

अशोक परियोजना कर्मी रमेश उरांव दो दिनों से लापता, बंद खदान में तलाश जारी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

जयप्रकाश साहा/न्यूज11  भारत

पिपरवार/डेस्क:  पिपरवार थाना क्षेत्र अंतर्गत पूरनाडीह स्थित बंद खदान संख्या-2 में सीसीएल कर्मी रमेश उरांव के डूबने की आशंका को लेकर लगातार दूसरे दिन भी खोज अभियान जारी रहा. सीसीएल पिपरवार क्षेत्र की अशोक परियोजना में कार्यरत रमेश उरांव बीते मंगलवार 26 मई से लापता हैं. घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और दहशत का माहौल बना हुआ है.

मिली जानकारी के अनुसार बेंती पंचायत के कुसुमटोला अंतर्गत पिपरा टोला निवासी रमेश उरांव मंगलवार को रोजाना की तरह पूरनाडीह बंद खदान संख्या-2 के समीप नहाने गए थे. काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की. इसी दौरान खदान के किनारे नहाने वाले स्थान पर रमेश उरांव के कपड़े एवं चप्पल मिले. इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आशंका जताई कि वह पानी से भरे बंद खदान में डूब गए होंगे.

घटना की सूचना मिलते ही पिपरवार पुलिस, सीसीएल प्रबंधन एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और खोज अभियान शुरू किया गया. पानी से लबालब भरे बंद खदान क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य कठिन परिस्थितियों में चलाया जा रहा है. गोताखोरों तथा स्थानीय ग्रामीणों की मदद से लगातार तलाश जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक रमेश उरांव का कोई सुराग नहीं मिल सका था.

इधर, घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुटे हुए हैं. स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन एवं सीसीएल प्रबंधन से खोज अभियान और तेज करने की मांग की है. साथ ही क्षेत्र की बंद एवं जलमग्न खदानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठाई है.

ग्रामीणों का कहना है कि पिपरवार क्षेत्र में कई बंद खदानें पानी से भरी हुई हैं, जहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है. वहीं स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरे मामले की छानबीन में जुटा हुआ है.

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