सफलता की उड़ानः अमरजीत कौर का 'पलाश मार्ट' और एक आत्मनिर्भर नारी की प्रेरक कहानी
राहुल सिंह/न्यूज़11 भारत रामगढ़/डेस्क: झारखंड में रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखण्ड स्थित जवाहरनगर गांव की रहने वाली अमरजीत कौर की कहानी भी कुछ ऐसी है कि आज वह अपने इलाके की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और नारी सशक्तिकरण की एक चमकती हुई मिसाल बन चुकी हैं. उन्हें देखकर क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी अपने पैरों पर खड़ा होने की प्रेरणा मिलती है. हालांकि, उनके इस सफर की शुरुआत आसान नहीं थी. एक दौर ऐसा भी था जब अमरजीत की दुनिया महज़ एक आम गृहिणी के रूप में घर की चारदीवारी तक ही सीमित थी. उन्होंने एम.ए. (M.A.) जैसी उच्च शिक्षा हासिल तो की थी, लेकिन घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच वह शिक्षा कहीं दब सी गई थी. इसके बावजूद, उनके अन्दर की महत्वाकांक्षा कभी शांत नहीं हुई. उनके दिल में हमेशा से यह आग सुलगती रही कि वे खुद का कोई काम शुरू करें, समाज में अपनी एक स्वतंत्र पहचान बनाएं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें. लेकिन सिर्फ मजबूत इरादों से ही मंजिलें तय नहीं होतीं; सपनों को हकीकत में बदलने के लिए सही रास्तों की भी दरकार होती है. अमरजीत के पास कुछ कर गुजरने का जज़्बा तो बहुत था, लेकिन सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शन की कमी थी. ऊपर से, आर्थिक तंगी ने उनके रास्तों में एक बड़ी दीवार खड़ी कर दी थी. इन मजबूरियों के चलते एक लंबे अरसे तक उनके बड़े-बड़े सपने केवल उनके घर के आंगन में ही कैद होकर रह गए थे.
अमरजीत के जीवन में बदलाव की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने स्वयं सहायता समूह (SHG) की ताकत को पहचाना. उनका समूह, 'अमर दिव्यांग महिला समिति', शुरुआत में वर्ष 2014 में नाबार्ड (NABARD) के सहयोग से बनाया गया था. बाद में, जब 2017 में यह समूह झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के दायरे में आया, तब अमरजीत सक्रिय रूप से इस समूह का हिस्सा बनीं. उन्होंने 'जवाहरनगर आजीविका महिला ग्राम संगठन' और 'सांकी आजीविका महिला संकुल संगठन' के साथ मिलकर काम करना शुरू किया. समूह की साप्ताहिक बैठकों में जाना, छोटी-छोटी बचत करना और अन्य महिलाओं के साथ अपने विचार साझा करना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया.
समूह से जुड़ने के बाद अमरजीत के आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि हुई. उन्होंने घर पर ही अचार, पापड़, बड़ी और अन्य घरेलू खाद्य उत्पाद बनाकर आस-पास बेचना शुरू किया. उनकी मेहनत और उत्पादों की शुद्धता के कारण धीरे-धीरे उनकी मांग बढ़ने लगी. लेकिन, इसे एक बड़े व्यवसाय का रूप देने के लिए एक बड़े मंच, अच्छी मार्केटिंग और पर्याप्त पूंजी की आवश्यकता थी. यहीं पर JSLPS ने उनके लिए एक मार्गदर्शक और सहयोगी की अहम भूमिका निभाई.
वर्ष 2020 अमरजीत के जीवन का सबसे बड़ा बदलाव की किरण साबित हुआ. ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए शुद्ध उत्पादों को एक पहचान दिलाने के लिए JSLPS द्वारा 'पलाश' ब्रांड की शुरुआत की गई थी.
अमरजीत ने इस अवसर को पहचाना और 'पलाश मार्ट' के नाम से अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया. पलाश मार्ट केवल एक दुकान नहीं है, बल्कि ग्रामीण आजीविका को सशक्त करने का एक मजबूत माध्यम है. इस मार्ट के जरिये अमरजीत ने अपने बनाए उत्पादों के साथ-साथ सखी मंडल की अन्य दीदियों द्वारा निर्मित शुद्ध और प्राकृतिक वस्तुओं (जैसे मसाले, सरसों तेल, अंचार, हस्तशिल्प आदि) की भी बिक्री शुरु की.
अपने इस व्यवसाय को बड़े पैमाने पर ले जाने के लिए उन्हें पूंजी की आवश्यकता थी. JSLPS के सहयोग और उचित मार्गदर्शन से, अमरजीत को PMFME (सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना) के अंतर्गत 2,80,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ. इस बड़ी धनराशि ने उनके पलाश मार्ट के लिए संजीवनी का काम किया. उन्होंने अपनी दुकान को आधुनिक रूप दिया, कच्चे माल की थोक में खरीदारी की और उत्पादों की पैकेजिंग व ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया, जिससे बाज़ार में उनके उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी.
पलाश मार्ट को व्यवस्थित करने के बाद अमरजीत ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. JSLPS के निरंतर सहयोग से उन्हें हर साल 'सरस मेला' में अपना स्टॉल लगाने का शानदार अवसर मिलने लगा. सरस मेला जैसे बड़े मंच पर उनके पलाश मार्ट के उत्पादों को ग्राहकों ने हाथों-हाथ लिया, जिससे उनकी बिक्री और मुनाफे में भारी उछाल आया. आज के समय में पलाश मार्ट के माध्यम से अमरजीत कौर की मासिक आय ₹30,000 है और अब उनकी वार्षिक आय 3,60,000 रुपये तक पहुँच गई है
सफलता का यह मुकाम आसानी से नहीं मिला है. अमरजीत भावुक होकर बताती हैं कि उन्होंने अपने जीवन में पैसों की कमी के कारण बेहद दुखद और कठिन दिन देखे हैं. लेकिन आज, समूह से जुड़ने और पलाश मार्ट की सफलता के बाद उनकी जीवन पूरी तरह बदल चुके हैं. अब उन्हें अपने बच्चों की अच्छी परवरिश, शिक्षा और परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में कोई भी आर्थिक दिक्कत नहीं होती है. उनका परिवार आज खुशहाल और आर्थिक रूप से सुरक्षित है
अमरजीत कौर का सफर यहीं नहीं रुकता. भविष्य को लेकर उनकी दृष्टि बहुत स्पष्ट है. वह चाहती हैं कि JSLPS के निरंतर सहयोग से वह अपने पलाश मार्ट' के बिज़नेस को और अधिक विस्तृत करें, ताकि इसे एक बड़े उद्यम में बदला जा सके. अपनी इस शानदार सफलता, गरीबी के अंधकार से निकालकर स्वावलंबन के प्रकाश तक लाने और जीवन की इस परिस्थिति में सुधार लाने के लिए, वे हृदय से JSLPS और NRLM का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हैं. उनकी यह कहानी साबित करती है कि अगर एक महिला ठान ले, तो वह अपने 'पलाश मार्ट' के जरिये पूरी दुनिया जीत सकती है.